गौतम बुद्ध नगर से दावेदारी कर जितेंद्र सिंह ने बिगाड़ा महेश शर्मा-महागठबंधन का खेल


गौतम बुद्ध नगर लोकसभा में यूं तो सीधी तकरार कांग्रेस-बीजेपी और सपा-बसपा गठबंधन के बीच थी लेकिन अचानकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के उम्मीदवार जितेंद्र सिंह ने एक बार फिर सक्रिय राजनीति में कदम रखते हुए यहां मुकाबले को रोमांचक बना दिया है। आखिर कौन है जितेंद्र सिंह और कैसे उनके आने से राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी तेज हो गई है, जानिए इस खबर में…


पिता चौधरी बिहारी सिंह की साख का फायदा –
PSP उम्मिदवार जितेंद्र सिंह गौतम बुद्ध नगर के ही रहने वाले हैं। गौतम बुद्ध नगर के अंतर्गत आने वाले रूपवास गांव में उनका बचपन बीता। पूर्व दिग्गज नेता और पिता चौधरी बिहारी सिंह के होने के चलते उनकी क्षेत्रीय और ग्रामिण इलाकों में मजबूत पकड़ है। अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का जितेंद्र सिंह के पास यह सही समय है।

किसान-मजदूरों में विरोध-नाराजगी का मिल सकता है फायदा –
इलाके में जहां नोटबंदी, जीएसटी से लोग बीजेपी से खफा तो वहीं किसानों और ग्रामिणों के जमीन और फसल मुआवजे न दिलवा पाने से किसान और मजदूर वर्ग सपा-बसपा का विरोध कर रहे हैं। राजनीतिक जानकारों की मानें तो विरोध का और नाराजगी का सीधा फायदा सीधे तौर पर पीएसपी (लोहिया) उम्मीदवार जितेंद्र सिंह को मिल सकता है।

जातियों का समिकरण –
एक ओर जहां चौधरी बिहारी सिंह की साख के चलते जितेंद्र सिंह की पकड़ गुर्जरों, ठाकुरों और नागर वोट बैंक पर है वहीं प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) प्रमुख शिवपाल यादव के चलते यादवों का वोट बैंक जितेंद्र सिंह के खुल सकता है।

जितेंद्र सिंह की दावेदारी से मुकाबला चतुष्कोणीय –
जितेंद्र सिंह के मैदान में आने से गौतम बुद्ध नगर लोकसभा सीट पर मुकाबला चतुष्कोणीय हो गया है। राजधानी दिल्ली से सटा और उत्तर प्रदेश का बिजनेस हूब बन चुका गौतम बुद्ध नगर लोकसभा क्षेत्र से वर्तमान में बीजेपी से केन्द्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा सांसद हैं।

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महेश शर्मा के खिलाफ उठे विरोध के स्वर को बना सकते हैं मोहरा –
क्षेत्र के कई गांवो में उनके खिलाफ इस बात का रोष है कि उन्होंने वोट मांगने के बाद कभी भी उन गांवों का न हालचाल जानने की कोशिश की न ही उनका दौरा किया। इस विरोध का फायदा पहले सपा-बसपा महागठबंधन को मिलने की उम्मीद थी लेकिन जितेंद्र सिंह की दावेदारी से पेंच फंसता नजर आ रहा है। 2009 में बनी गौतम बुद्ध नगर लोकसभा में चुनावी हलचल इस बार अलग है। मोदी लहर में 2014 में महेश शर्मा ने जीत हासिल करते हुए समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार नरेंद्र भाटी को पटखनी दी थी।

क्या कहते हैं पिछले चुनाव के आंकड़े –
इस चुनाव में महेश शर्मा को कुल 5,99,702 और करीब 50फीसदी वोट मिले थे। जबकी सपा उम्मीदवार नरेंद्र भाटी के पक्ष में 3,19,490 लोगों ने मतदान किया था। वहीं बसपा के सतीश कुमार को 19287 यानी करीब 16 फीसदी वोट हासिल कर पाए थे। इससे पहले साल 2009 में बीएसपी के टिकट से सुरेंद्र सिंह नागर 33% फीसदी यानी 2,45,613 वोटों से संसद पहुचे थे। इस चुनाव में डॉ. महेश शर्मा दूसरे नंबर पर रहे थे।

हांलाकि इस बार गौतम बुद्ध नगर की जनता किसे अपना सिरमौर चुनेगी यह स्थिति पोलिंग रिजल्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल यहां 8 अप्रैल तक प्रचार होना है, जबकि 11 अप्रैल को वोटिंग होगी।