Home » पीएम मोदी के राहत पैकेज पर बोले मजदूर, हम भूखे मर रहे हैं ट्रेन चलाएं तो चलाएं वरना पैदल चले जाएंगे

पीएम मोदी के राहत पैकेज पर बोले मजदूर, हम भूखे मर रहे हैं ट्रेन चलाएं तो चलाएं वरना पैदल चले जाएंगे

Google Search Engine No job Reservation after privatisation
Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Ground Report News Desk | New Delhi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार शाम 8 बजे देश के लिए इकॉनोमिक पैकेज की घोषणा करते हुए बताया कि यह 20 लाख करोड़ रुपए का पैकेज होगा। लेकिन प्रवासी मजदूरों का कहना है कि उन्हें इससे कोई फायदा नहीं होने वाला है। सबसे ज्यादा लॉकडाउन से प्रभावित प्रवासी मजदूर हैं, जो दूसरे राज्यों में काम कर रहे हैं या काम की तलाश में जाते हैं। बीते दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया था। उससे मजदूरों को कोई उम्मीद नहीं है।

एनडीटीवी से बात करते हुए एक मजदूर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राहत पैकेज से हमें कोई उम्मीद नहीं है। ऐसे ऐलान होते रहते हैं। मजदूरों तक कहां आता है। मजदूरों को कुछ नहीं मिलता है। मजदूरों को अगर खाना मिलता रहता तो हम क्यों निकलते? वहीं एक अन्य मजदूर ने कहा कि हमें इन ऐलानाों से कोई फायदा नहीं मिलने वाला है। हम लोग घर जाना चाहते हैं। ट्रेन चलाएं तो चलाएं वरना पैदल चले जाएंगे। हम मरेंगे तो घर पर ही मरेंगे।’

एनडीटीवी के मुताबिक, वहीं जब एक महिला मजदूर से पीएम मोदी के पैकेज के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने बताया कि इससे खुश क्या होंगे? काम ही नहीं चल रहा तो खुश क्या होंग। मेहनत-मजदूरी करते हैं। रोजगार है नहीं। कोई काम मिल नहीं रहा तो खाएंगे क्या? इससे अच्छा गांव में जाकर कुछ छोटा-मोटा काम कर लेंगे। इससे कोई फायदा नहीं होगा। हमें राशन ही नहीं मिल रहा है।’

READ:  Watch Heart-wrenching video of Assam police firing on civilians

गौरतलब है कि, कोरोना संकट के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार शाम आठ बजे राष्ट्र को संबोधित करते हुए 20 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा की है। इसके साथ-साथ उन्होंने लॉकडाउन 4.0 की भी बात की है। पीएम ने कहा कि 20 लाख करोड़ रुपये का यह पैकेज ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ को नई गति देगा।