Hyderabad: MIM activist arrested in minor Dalit girl rape case

LockDown में घर लौट रही छात्रा से 10 लोगों ने किया गैंगरेप

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Ground Report News Desk | Dumka/Jharkhand

देश में कोरोना से कोहराम मचा हुआ है। हर शख्स के मन में दहशत है। सरकार ने पूरे देश में लॉकडाउन घोषित किया है। वहीं लॉकडाउन के चलते अपने घर लौट रही एक छात्रा को दरिंदों ने अपनी हैवानियत का शिकार बनाया। घटना झारखंड के दुमका की है जहां गोपीकांदर में सोलह साल की किशोरी के साथ करीब 10 लोगों ने मिलकर सामूहिक दुष्कर्म किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन लोगों में एक लड़की का करीबी दोस्त बताया जा रहा है।

हिन्दुस्तान की खबर के मुताबिक, 16 वर्षीय पीड़िता गोपीकांदर प्रखंड की रहने वाली है। छात्रा दुमका स्थित एसपी कॉलेज से इंटर कर रही है और शिवपहाड़ इलाके में किराए से रहती है। लॉकडाउन के चलते कॉलेज बंद हो चुका था। वह शाम को अपनी एक सहेली के साथ वापस घर लौट रही थी। सहेली उसे गोपीकांदर के कारूडीह मोड़ पर उतार अपने घर पाकुड़ चली गई थी।

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पीड़िता के मुताबिक, उसने अपने पिरजनों को सूचित किया था कि लेने आ जाएं लेकिन देरी होने पर उसने अपने एक दोस्त को फोन किया जो कुछ ही देर में अपने एक साथी के साथ बाइक पर छात्रा को लेने पहुंच गया था। तीनों छात्रा के घर लिए निकले थे। छात्रा के मुताबिक, कच्चे रास्ते से बाइक ले जाने पर दोस्त ने कहा था कि लॉकडाउन की वजह से पुलिस का पहरा है। जंगल में पहले दोनों साथियों ने छात्रा के साथ रेप किया फिर करीब 7 से 8 नकाबपोश लोगों ने।

गैंगरेप के बाद छात्रा जब बेहोश हो गयी, तो उसे मरा हुआ समझकर सभी लोग भाग गए। वह रातभर जंगल में बेसुध पड़ी रही। किसी तरह रेंगते हुए रोड तक पहुंची। जहां से ग्रामीणों ने उसके परिजनों और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने 323, 376 डी और पोस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह छापेमारी की जा रही है। हांलाकि अब तक एक भी आरोपी गिरफ्त में नहीं आ पाया है।

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बता दें कि बीते कोरोना वायरस के चलते एहतियातन बीते मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रात 12 बजे 21 दिनों के लिए देश में लॉक डाउन की घोषणा की थी। इस लॉक डाउन में कई ऐसे भी लोग रहें जो अपने घर पर नहीं थे। कई लोगों को घर पहुंचने का भी समय नहीं मिल पाया। कुछ लोग लॉकडाउन के अगले दिन वाहन न मिलने पर पैदल ही अपने घर के लिए निकल पड़े। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित निचला और मजदूर तबका हुआ है।

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