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LITERATURE

Mirza Ghalib

Mirza Ghalib : मिर्ज़ा ग़ालिब के 10 चुनिंदा शेर

Mirza Ghalib Birth Anniversary : आज मिर्ज़ा ‘ग़ालिब’ की जयंती है। वह 27 दिसंबर, 1797 को उत्तर प्रदेश के आगरा ज़िले में पैदा हुए थे।… Read More »Mirza Ghalib : मिर्ज़ा ग़ालिब के 10 चुनिंदा शेर

जौन एलिया

जौन एलिया : यूपी के अमरोहा में जनमा वो दरवेश, जो नीत्शे और कांट से बातें करता था

उर्दू अदब के गुलशन में यूं तो बहुत से फूलों ने अपनी जादुई ख़ुशबू से सबको सराबोर किया है। मगर इसी गुलशन में एक फूल… Read More »जौन एलिया : यूपी के अमरोहा में जनमा वो दरवेश, जो नीत्शे और कांट से बातें करता था

अंबवा की छांव संतोष जैन संतु

संतोष जैन ‘संतु’ द्वारा रचित ‘अंबवा की छांव’ हर हाल में चलना सिखाती है

संतोष जैन ‘संतु’ मध्यप्रदेश के सीहोर शहर के जाने-माने कवियों में से एक हैं। सीहोर जिले की आष्टा तहसील में आने वाले रोलागांव में एक… Read More »संतोष जैन ‘संतु’ द्वारा रचित ‘अंबवा की छांव’ हर हाल में चलना सिखाती है

अल्हड़ बीकानेरी की कविताएं

अल्हड़ बीकानेरी जिन्होंने कभी बीकानेर नहीं देखा

अल्हड़ बीकानेरी का जन्म 17 मई, 1937 को हरियाणा के रेवाड़ी जिले के बीकानेर गांव में हुआ था। उनके नाम में लगे बीकानेर से लोग… Read More »अल्हड़ बीकानेरी जिन्होंने कभी बीकानेर नहीं देखा

गोपालदास नीरज

पुण्यतिथि विशेष : बुझते दीपों को ज़रा सूर्य बना लूँ तो चलूँ…

गोपालदास नीरज एक ऐसा नाम है जो बीसवीं सदी से इक्कीसवीं सदी तक जनमानस पर छाया हुआ है। इनके द्वारा रचित गीतों ने वह ऊर्जा… Read More »पुण्यतिथि विशेष : बुझते दीपों को ज़रा सूर्य बना लूँ तो चलूँ…

Bir Buru Ke davedaar

पुस्तक समीक्षा : बिर बुरु के दावेदार ऊर्फ जंगल पहाड़ के दावेदार

बिर बुरु के दावेदार पुस्तक की लेखिका आलोका कुजूर कहती हैं’ ‘‘बचपन से ही पहाड़ सपने में आता था अनगिनत सपने में अनगिनत पहाड़ से… Read More »पुस्तक समीक्षा : बिर बुरु के दावेदार ऊर्फ जंगल पहाड़ के दावेदार