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ममता बनर्जी के लिए यह तगड़ा झटका है, बंगाल में बाज़ी पलट सकती है BJP

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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले ही धमासान शुरू हो गया है। नेताओं का पार्टी से इधर-उधर होना भी शुरू हो चुका है। चुनाव से पहले सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को बड़ा झटका लगा है। नेताओं की एक बड़ी खेप बीजेपी में शामिल हो गई है। टीएमसी की मुखिया ममता बनर्जी के लिए यह तगड़ा झटका है, वहीं बीजेपी अब बंगाल में पहले से भी ज्यादा मज़बूत हो गई है।

अमित शाह की जनसभा में सुवेंदु अधिकारी समेत 10 टीएमसी विधायक, एक सांसद और एक पूर्व सांसद ने बीजेपी जॉइन कर ली। बड़े नेताओं के अलावा बड़ी संख्या में जिला स्तर के नेता और पार्षदों ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया।

सुवेंदु के अलावा बर्धमान पूर्व से सांसद सुनील कुमार मोंडल, टीएमसी के 6 विधायक समेत एक-एक सीपीआई, सीपीएम और कांग्रेस के विधायक भी बीजेपी से जुड़ गए।

वे नेता जो बीजेपी में हुए शामिल

​सुनील कुमार मंडल (टीएमसी सांसद) शीलभद्र दत्ता (टीएमसी विधायक) बनश्री दत्ता (टीएमसी विधायक) श्यामा प्रसाद मुखर्जी (पूर्व टीएमसी विधायक) सुदीप मुखर्जी (कांग्रेस विधायक) दिपाली बिस्वास (टीएमसी विधायक) सैकत पंजा (सीएमसी विधायक) सुक्र मुंडा (टीएमसी विधायक) तापसी मंडल (सीपीएम विधायक) अशोक डिंडा (सीपीआई विधायक) बिस्वजीत कुंडु (टीएमसी विधायक) दसरथ टिर्के (पूर्व टीएमसी सांसद)

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भाजपा नेता और गृह मंत्री अमित शाह ने भी बंगाल चुनावों को लेकर सक्रियता बढ़ा दी है। इससे साफ है कि पार्टी का पूरा ध्यान अब बंगाल पर रहने वाला है।

बिहार विधानसभा चुनावों के परिणाम आने के बाद अब सियासी चर्चा का केंद्र पश्चिम बंगाल हो गया है, जहां अप्रैल-मई 2021 में विधानसभा चुनाव होना है।

बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस 10 साल से सत्ता में है। बंगाल की विधानसभा का कार्यकाल मई 2021 में खत्म हो रहा है। अगर 2016 के विधानसभा चुनावों और 2019 के लोकसभा चुनावों की तुलना करें तो यह तय है कि मुकाबला भाजपा और तृणमूल के बीच ही रहने वाला है।

भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनावों में 18 सीटें हासिल कीं थी। वहीं, तृणमूल कांग्रेस की सीटें 34 से घटकर 22 रह गईं। तृणमूल कांग्रेस ने 44.91% वोट हासिल किए, जबकि भाजपा ने 40.3% वोट। भाजपा को कुल 2.30 करोड़ वोट मिले जबकि तृणमूल को 2.47 करोड़ वोट।

 खास बात यह रही कि भाजपा ने राज्य की 128 विधानसभा सीटों पर बढ़त हासिल की, जबकि तृणमूल की बढ़त घटकर सिर्फ 158 सीटों पर रह गई थी।

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