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इतने बड़े बम धमाके से थर्राया लेबनान लेकिन ‘न्यूज चैनलों’ को खबर दिखाने की फुर्सत नहीं!

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अयोध्या में आज राम मंदिर की नीव रखी गई है। यह एक एतिहासिक पल है। देश दुनिया की नजरे इस पर टिकी है। राजनीतिक सामाजिक और धार्मिक दृष्टी से अच्छा भी हुआ कि देश के सबसे बड़े और पुराने विवाद का अंत हुआ। उम्मीद है कि अब गंभीर और जमीनी मुद्दों पर बात होगी। लेकिन बड़ा सवाल ये है कि हम देश की राष्ट्रीय मीडिया खासकर हमारे टीवी न्यूज चैनल से संवेदनशीलता की उम्मीद करते हैं कि वे हमें अहम खबरें दिखाएं।

लेबनान में इतना बड़ा बम धमाका हुआ है। 100 ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है और चार हजार से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं, लेकिन टीवी न्यूज चैनलों के पास इतना भी समय नहीं है कि लेबनान में हुए धमाके की खबर दिखा सके। खाड़ी देश लेबनान की राजधानी में बेरुत में इतना बड़ा बम धमाका हुआ है कि कई किलोमीटर तक सिर्फ धुआं ही धुआं ही बिल्डिंगो, कार, नाव जो भी चपेट में आया उसके परखच्चे उड़ गए।

घटना की कई लाइव तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे हैं। राजधानी बेरुत के गवर्नर मारवान अबौद घटना के बारे में बताते हुए रोते हुए कहते है कि मैंने तबाही का ऐसा मंजर इससे पहले कभी नहीं देखा। ये धमाका जापान के शहर हिरोशिमा और नागासाकी में हुए परमाणु बम धमाके की याद दिलाता है।

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धमाके के बाद जहाँ भी देखों बस चीख पुकार और तबाही का मंजर नजर आता है। चारों ओर बर्बादी रोते बिलखते लोग कुछ अपनों की तलाश में कुछ साथियों की। धमाके की बाद की तस्वीरों को देखें तो कई किलोमीटर तक सिर्फ और सिर्फ तबाही का ही मंजर नज़र आता है।

लेबनान स्थित भारतीय दूतावास ने इस भयावह विस्फोट की जानकारी देते हुए हेल्पलाइन जारी की है। भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया, ”सेंट्रल बेरुत में इस शाम दो बड़े धमाके हुए हैं। सभी को संयम बनाए रखने की सलाह दी जाती है. अगर भारतीय समुदाय के किसी भी व्यक्ति को मदद की ज़रूरत है तो हमारी हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं।”

इस धमाके के एक चश्मदीद ने आँखों देखा मंज़र बताया, मैंने आग की लपटें देखीं लेकिन मुझे ये नहीं पता था कि धमाका होने जा रहा है। मैं भीतर चला गया। अचानक मुझे सुनाई पड़ना बंद हो गया क्योंकि मैं घटनास्थल के बहुत क़रीब था। कुछ सेकंड तक मुझे कुछ भी सुनाई नहीं दिया। मुझे लगने लगा था कि कुछ गड़बड़ है। तभी अचानक गाड़ियों, दुकानों और इमारतों पर शीशे टूटकर गिरने लगे।

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ताज़ा जानकारी के मुताबिक, अब तक से कम 100 लोगों के मारे जाने की खबर है। क़रीब 4000 लोग ज़ख़्मी बताए जा रहे हैं। इस धमाके बाद लेबनान के प्रधानमंत्री हसन दिआब ने बुधवार को राष्ट्रीय शोक दिवस की घोषणा की है। सरकारी अधिकारियों ने शुरूआती जांच में पाया है कि, एक गोदाम में भारी विस्फोटक सामग्री स्टोर थी और वहीं धमाका हुआ है। राष्ट्रपति माइकल इयोन ने ट्वीट कर कहा है कि यह बिल्कुल अस्वीकार्य है कि 2,750 टन विस्फोटक नाइट्रेट असुरक्षित तरीक़े से स्टोर कर रखा गया था। धमाका कैसे हुआ इसकी जाँच अभी जारी है।

बीबीसी की एक खबर के मुताबिक, यह धमाका 2005 में लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक हरीरी की हत्या की जाँच और अदालती सुनवाई का फ़ैसला आने के ठीक पहले हुआ है। धमाका शहर के तटीय इलाक़े में हुआ है। यह धमाका तब हुआ है जब लेबनान आर्थिक संकट में बुरी तरह से घिरा हुआ है।

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इस बीच दुख की बात ये है कि जहां कच्छे-बनियान और किसी फिल्मी हस्ती के खाने पीने से लेकर उनके कपड़े बदलने और फिल्म स्टार के बच्चे के डायपर तक पर पूरा पैकेज बना देने वाले कथित राष्ट्रीय मीडिया चैनलों की संवेदनशीलता इतनी मर गई है कि वे वहां की तस्वीरे तक नहीं दिखा पा रहे हैं।

धमाके का वीडियो-

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