रात के अंधेरे में खो जाएगा विक्रम, आज खत्म हो जाएगी संपर्क की आस

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ग्राउंड रिपोर्ट | न्यूज़ डेस्क

चंद्रयान से संपर्क टूट जाने के बाद से लगातार इसरो वैज्ञानिक दोबारा किसी तरह संपर्क साधने के प्रयास में लगे हुए थे। लेकिन उन्हें इसमें सफलता नहीं मिली। शनिवार यानी आज सारी संभावनाएं खत्म हो जाएंगी। क्योंकि विक्रम लैंडर का जीवनकाल 14 दिन का था जो आज समाप्त हो जाएगा। चांद पर एक दिन पृथ्वी के 14 दिन के बराबर होता है। आज से चांद पर अंधेरा छा जाएगा और उसी अंधेरे में हमारा विक्रम लैंडर खो जाएगा।

इसी के साथ विक्रम लैंडर से संपर्क की संभावनाएं खत्म हो जाएंगी। चंद्रयान 2 मिशन भारत के चांद पर छाप छोड़ने को लेकर तैयार किया गया एक मिशन था। जिसमें भारतीय वैज्ञानिकों को 95 फीसदी ही सफलता प्राप्त हो पाई। चंद्रयान के 3 भागों में से एक ऑर्बिटर अभी भी चांद की कक्षा में है। वहीं विक्रम लैंडर और रोवर से हार्ड लैंडिंग की वजह से संपर्क टूट गया था। रोवर चांद की सतह पर पानी की खोज करने वाला था। जिसमें हमारा मिशन असफल हो चुका है।