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लखीमपुर में हिंसा के बदले हिंसा, यह गांधी का देश है?

Ajay Mishra Driver lynched to death
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पिछले एक साल से कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों का खून अब गर्म होने लगा है, उनके सत्यागृह में हिंसा हावी होने लगी है, उनके सब्र का बांध टूट रहा है। सरकार किसानों के प्रदर्शन से परेशान हो चुकी है, वो सारे हथकंडे अपना चुकी लेकिन किसान पिछले एक साल से जस के तस हैं। मुख्यमंत्री अब कह रहे हैं कि लाठी और डंडों से जवाब दो।

लखीमपुर की घटना उसी सब्र के बांध के टूटने का नतीजा है। वहां 8 लोगों की मौत हो गई जिसमें 4 किसान शामिल थे। आरोप है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्रा ने विरोध कर रहे किसानों को बेरहमी से कुचल दिया। वहां मौजूद उग्र भीड़ ने अजय मिश्रा के ड्राइवर (Ajay Mishra’s Driver) और तीन भाजपा कार्यकर्ताओं समेत चार लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। यानि हिंसा के बदले हिंसा।

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मारो-मारो मार डालो…

टेनी के ड्राइवर को भीड़ द्वारा पीटे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वह हाथ जोड़कर अपनी जिंदगी की भीख मांगता रहा, लेकिन उग्र भीड़ ने उसे पीट-पीटकर मार डाला। उसके सिर से खून निकल रहा है। वह घबराया हुआ है और हाथ जोड़कर कह रहा है, “दादा-दादा,.छोड़ दो।” डंडे से उसकी पिटाई कर रही भीड़ में से लोग उससे पूछते किसने भेजा है, टेनी ने? वह कहता है- टेनी ने भेजा है। इसके बाद कुछ लोग उससे जबरन कहलवा रहे हैं कि कहो टेनी ने लोगों को मारने के लिए भेजा था, गाड़ी चढ़ाने के लिए कहा था। ड्राइवर कह रहा है- टेनी ने भेजा था, लेकिन गाड़ी चढ़ाने के लिए नहीं, कहा था कि वहां भीड़ लगी है उसे देखो। लोग उसे डंडा दिखाते हैं और जबरन मनमानी बात कहने के लिए कहते हैं। इसके बाद भीड़ के कुछ लोग ड्राइवर पर डंडे लेकर टूट पड़ते हैं। वह हाथ जोड़कर छोड़ने के लिए गिड़गिड़ाता है, लेकिन उसकी कोई नहीं सुनता। भीड़ में से कुछ लोग चिल्लाते हैं, ‘मारो…को…मार डालो सा…को।’ वह जान की भीख मांगता रहा, लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा और उसकी मौत हो गई।

लट्ठ का जवाब लट्ठ से दो

उधर किसानों के प्रदर्शन से परेशान हरियाणा का मुख्यमंत्री भी हिंसा की भाषा बोलने लगे। एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि  हर इलाके से 1 हजार लट्ठ वाले किसानों का इलाज करेंगे। उठालो लठ ! उग्र किसानों को तुम भी जवाब दो ! देख लेंगे। दो चार दिन जेल में रहना होगा। ज़मानत की चिंता मत करना। जेल से बाहर आओगे तो बडे़ नेता ही बनकर निकलोगे।

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किसानों को उकसाते गृह राज्य मंत्री

अजय मिश्रा एक वीडियो में किसानों को धमकी भरे लहजे में कहते दिख रहे हैं कि 10 या 15 आदमी वहां बैठे हैं, अगर हम उधर भी जाते हैं तो भागने के लिए रास्ता नहीं मिलता। वह कह रहे हैं, ‘हम आप को सुधार देंगे 2 मिनट के अंदर.. मैं केवल मंत्री नहीं हूं, सांसद विधायक नहीं हूं। सांसद बनने से पहले जो मेरे विषय में जानते होंगे उनको यह भी मालूम होगा कि मैं किसी चुनौती से भागता नहीं हूं और जिस दिन मैंने उस चुनौती को स्वीकार करके काम करना शुरू कर दिया उस दिन बलिया नहीं लखीमपुर तक छोड़ना पड़ जाएगा यह याद रखना..।’

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