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‘स्वाभिमान बेटियों की उड़ान’ में बोले रामदेव- वो दिन दूर नहीं जब देश का नेतृत्व एक महिला करेगी

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प्रयागराज, 30 जनवरी। यूनिसेफ, जीवा और परमार्थ निकेतन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित ‘स्वाभिमान बेटियों की उड़ान’ अभियान के तहत समाज और देश से बाल विवाह जैसी कुप्रथा को खत्म करने के लिए चलाए जा रहे अभियान में बाबा रामदेव ने भी शिरकत की। बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में पहुंचे बाबा रामदेव ने कहा कि ये हमारा सौभाग्य है कि ‘कुंभ 2019’ से एक ऐसी आवाज उठ रही है जो समाज को नई दिशा देगी।

अपने भाषण के दौरान पतंजलि प्रमुख बाबा रामदेव ने कहा, मेरू पूरी पढ़ाई पर 0सिर्फ 500 रुपये खर्च हुए, लेकिन आज मैं 5000 बच्चों को पढ़ा रहा हूं। 10,000 बच्चों को पढ़ा चुका हूं और मेरा संकल्प 1 करोड़ बच्चों को पढ़ाने का है। मैं इसलिये इस बात को कह रहा हूं कि आप अपने हौसलों को बुलंद रखे और सिर्फ हौसले नहीं इसके लिए काम करना होगा और बेहतर जीवन और शिक्षा के लिए देश की माताओं और बहनों और बच्चियों को संकल्प दिलाना होगा।

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उन्होंने कहा कि, आज हमें ये संकल्प लेना कि अगले कुंभ तक न सिर्फ उत्तर प्रदेश पूरे भारत को बाल विवाह, जातिवाद, भुखमरी से मुक्त करेंगे। पूरे देश को अशिक्षा-अज्ञानता से मुक्त करेंगे तभी तो वैभवशाली भारत बनेगा और इस संकल्प के लिए हमें एक-एक पल जीना होगा। विश्व में कॉर्पोरेट्स में महिलाएं संचालित कर रही हैं। महिलाएं आर्थिक सम्राज्य में नेतृत्व कर रही हैं। वो दिन भी जल्द आएगा जब भारत के राज्यों का और देश का नेतृत्व महिलाएं करेंगी।

वहीं यूनीसेफ के पदाधिकारी अनिल मेहरोत्रा ने कहा कि बाल विवाह आज भी हमारे समाज में एक कुरीति है। पहले उत्तर प्रदेश में इतनी ज्यादा चर्चा नहीं होती थी, लेकिन जबसे धर्मगुरुओं, राजनेताओं का साथ मिला है तबसे बाल विवाह के खिलाफ हमारी मुहिम तेज़ हुई है। यह हमारा सौभाग्य है कि बाल विवाह के खिलाफ संगम से आवाज़ उठ रही है।

बता दें कि ‘स्वाभिमान बेटियों की उड़ान’ अभियान के तहत बाल-विवाह की रोकथाम की एक मुहिम चलाई जा रही है जिसमें समाज के सभी वर्गों के लोगों से अपनी बच्चियों को पढ़ाने और उसका बाल विवाह न करने की अपील की जा रही है। इस अभियान के तहत एक सिग्नेचर कैपेनिंग भी की जा रही है जिसमें करीब डेढ़ लाख लोगों के हस्ताक्षर करने का लक्ष्य रखा गया है। यह रिकॉर्ड गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होगा।