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अगले कुंभ तक देश से बाल-विवाह खत्म करने का संकल्प

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प्रयागराज, 31 जनवरी। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे विश्व के सबसे बड़े धार्मिक मेले ‘कुंभ’ में जहां लोग गंगा सफाई पर जोर दे रहे हैं तो वहूीं दूसरी ओर बाल विवाह के खिलाफ भी अभियान तेज हो रहा है। यूनीसेफ, जीवा और परमार्थ निकेतन के संयुक्त अभियान ‘स्वाभिमान-बेटियों की उड़ान’ के तहत हस्ताक्षर और शपथ दिलवाकर लोगों को बाल-विवाह से होने वाले नुकसान, दुष्प्रभाव बताकर जागरुक किया जा रहा है।

बाल विवाह जैसी कुप्रथा को खत्म करने के लिए बीती 29 जनवरी को संगम तट पर 2000 से ज्यादा लोगों ने संकल्प लिया और हस्ताक्षर कर इस अभियान में अपनी सहभागिता दर्ज करवाई। इस खास मौके पर NCC कैडेट बैंड और उसकी टुकड़ियां रैली का नेतृत्व कर लोगों को जागरुक करने का संदेश देती नजर आईं। जबकी दूर-दराज के इलाकों से कुंभ में आए लोग इस रैली और अभियान में शामिल हुए।

कुंभ मेले में अरैल घाट पर हुए इस आयोजन में मुख्य अतिथि पतंजलि प्रमुख और योग गुरू बाबा रामदेव ने कहा कि, संगम से एक आवाज उठी है जो देश की दिशा, दशा और भविष्य बदल देगी। आज हमें ये संकल्प लेना कि अगले कुंभ तक न सिर्फ उत्तर प्रदेश पूरे भारत को बाल विवाह, जातिवाद, भुखमरी से मुक्त करेंगे।

उन्होंने कहा कि, पूरे देश को अशिक्षा-अज्ञानता से मुक्त करेंगे तभी तो वैभवशाली भारत बनेगा और इस संकल्प के लिए हमें एक-एक पल जीना होगा। विश्व में कॉर्पोरेट्स में महिलाएं संचालित कर रही हैं। महिलाएं आर्थिक सम्राज्य में नेतृत्व कर रही हैं। वो दिन भी जल्द आएगा जब भारत के राज्यों का और देश का नेतृत्व महिलाएं करेंगी।

वहीं GIWA प्रमुख साध्वी भगवती ने देश की बच्चियों, बेटियों और महिलाओं को संदेश देते हुए कहा कि, कोई भी आपको बाहर से शक्ति नहीं देगा। सबसे बड़ी शक्ति आपके अंदर आपके संस्कारों में हैं। हमे ये संकल्प लेना है कि शिक्षा से पहले कोई शादी नहीं होगी और शिक्षा के साथ लड़कियों को संस्कार देना है कि आप अपवित्र नहीं बल्कि देवी हैं।

इस खास मौके पर परमार्थ निकेतन प्रमुख और धर्मगुरू चिदानंद स्वामि ने कहा कि,मैं हर उस माँ-बाप को सलाम करता हूं जो अपनी बेटियों को पढ़ाते हैं। समय आ गया है अपने भंडारों को बंद करने का, क्योंकि परम्पराओं को जन्म देने वाली शक्तियां भीख मांग रही है। ये संत भी तभी बचेंगे जब मां संस्कारी होंगी। मां बचेंगी तो बेटी, कन्या बचेंगी।

बाल-विवाह, चाइल्ड एजुकेशन और महिला सशक्तिकण जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत करने इस अभियान का हिस्सा बनने पर आभार व्यक्त करते हुए WSSCC की प्रोग्राम डायरेक्टर शू कोट्स ने कहा कि मुझे काफी खुशी हो रही है कि कुंभ से बाल-विवाह को खत्म करने और महिला सशक्तिकरण की मांग उठी है उम्मीद है जल्द ही हम हमारे इस मिशन में कामयाब होंगे।

वहीं उत्तर प्रदेश इकाई से यूनीसेफ का प्रतिनिधित्व कर रहे अमित मेहरोत्री ने कहा कि, बाल विवाह आज भी हमारे समाज में एक कुरीति है। पहले उत्तर प्रदेश में इतनी ज्यादा चर्चा नहीं होती थी, लेकिन जबसे धर्मगुरुओं, राजनेताओं का साथ मिला है तबसे बाल विवाह के खिलाफ हमारी मुहिम तेज़ हुई है। यह हमारा सौभाग्य है कि बाल विवाह के खिलाफ संगम से आवाज़ उठ रही है। जबकी इस खास मौके पर यूनिसेफ के चीफ चाइल्ड प्रोटेक्शन एगलर जेवियर मंज पर मौजूद रहें।

बता दें कि, यूनीसेफ, GIWA (ग्लोबल इंटरफेथ वॉश अलायंस) और परमार्थ निकेतन संयुक्त तत्वाधान में चल रहे ‘स्वाभिमान-बेटियों की उड़ान’ अभियान के तहत चलाए जा रहा हस्ताक्षर अभियान 29 जनवरी से 3 मार्च तक चलेगा।

अब तक इस हस्ताक्षर अभियान में 2000 के करीब हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। 1.5 लाख लोगों के हस्ताक्षर का लक्ष्य सुनिश्चित किया गया है। यह अपने आप में एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है। यूनिसेफ ने बताया कि हमारी कोशिश है कि तय समय सीमा से हम इस अभियान में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित कर इस रिकॉर्ड को गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज करवाएंगे।