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दमोह उपचुनाव में प्रचार करेंगे केपी यादव , सिंधिया की हुई नो एंट्री

दमोह उपचुनाव
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मध्यप्रदेश में दमोह उपचुनाव के लिए भाजपा गुना सांसद केपी यादव चुनाव प्रचार कर रहे हैं। बीजेपी द्वारा केपी यादव को प्रचार में बुलाए जाने को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। वजह है पिछले लोकसभा चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया को हराकर सांसद बनने वाले केपी यादव को ऐसे समय में प्रचार के लिए बुलाया गया है जब यह खबर आ रही है कि पार्टी ने सिंधिया को चुनाव से दूर रहने का निर्देश दिया है।

दरअसल चुनाव प्रचार में आने पर रोक लगाने की वजह से सिंधिया इतने खफा हो गए कि उन्होंने अपने अन्य कार्यक्रमों तक को रद्द कर दिया है। उधर पार्टी हाईकमान ने उन्हें मनाने के बजाए उनके जले पर नमक छिड़कने का काम कर दिया है। बीजेपी द्वारा केपी यादव को प्रचार में उतारने के बाद कांग्रेस को सिंधिया को घेरने का बैठे-बिठाए मुद्दा मिल गया है। 

शिवराज के चूल्हे में जल कर खाक हुई नई राख- कांग्रेस

कांग्रेस ने इस मामले पर तंज कसते हुए कहा है कि शिवराज के चूल्हे में नई राख दिख रही है। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट किया, ‘सिंधिया को हराने वाले गुना सांसद केपी यादव दमोह में प्रचार कर रहे हैं, और सिंधिया के दमोह प्रवेश पर प्रतिबंध है। “शिवराज के चूल्हे में नई राख दिख रही है”

इससे पहले कल खबर आई थी कि सिंधिया को स्टार प्रचारकों की सूची में उन्हें 10वें स्थान पर धकेले जाने के बाद अब चुनाव प्रचार अभियान से भी दूर रहने का निर्देश दिया गया। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने कल अपने एक ट्वीट में लिखा कि, ‘सिंधिया को सम्मान की एक और खेप, दमोह उपचुनाव में प्रचार करने से रोका, बीजेपी ने सिंधिया को पहले स्टार प्रचारकों की सूची में दसवें स्थान पर धकेला और अब दमोह में चुनाव प्रचार करने पर भी रोक लगाई। नाराज माराज जल्द शिवराज को लाल आँखें दिखायेंगे।’

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ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस द्वारा गद्दार और बिकाऊ करार दिए जाने के बाद सिंधिया की छवि को नकारात्मक मानते हुए बीजेपी चाहती है कि उनके बिना ही चुनाव प्रचार किया जाए। ताकि कांग्रेस को गद्दार और बिकाऊ वाले मुद्दे पर ज्यादा बोलने का मौका न मिल पाए।

बीते दिनों इस तरह की खबरें भी आई थी कि बीजेपी में जाने के बाद सिंधिया लोकसभा चुनाव में अपनी हार का बदला लेने के लिए केपी यादव का अपमान करवा रहे थे। ऐसे में केपी यादव का सिंधिया से बदला के रूप में भी इस प्रचार अभियान को देखा जा रहा है।

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