स्वदेशी Koo App के इस्तेमाल से पहले ये ज़रूरी बातें जान लें

Koo App
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माइक्रो ब्लॉगिंग ऐप ट्विटर (Twitter) को लेकर बढ़ते विवाद के बीच स्वदेशी सोशल मीडिया ऐप ‘कू’  (Koo App) ट्विटर को टक्कर देने के लिए मैदान में है। कई फिल्मी हस्तियों और केंद्र सरकार के मंत्रियों और सरकारी विभागों का समर्थन मिलने के चलते इस ऐप के यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और पीयूष गोयल जैसे कुछ मंत्रियों ने लोगों से कू को अपनाने की अपील की, जिसके चलते इसके यूजर्स की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है।

ट्विटर जैसे ही काम करने वाले कू सोशल नेटवर्क मंच पर अब 30 लाख से अधिक यूजर्स हैं। कू ऐप (Koo App) के डाउनलोड इस हफ्ते 10 गुना बढ़ गए। कू के लोगो में ट्विटर के नीले पक्षी के विपरीत एक पीला पक्षी है।

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सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ट्विटर के बारे में अपना रुख बताने के लिए कू (Koo App) का इस्तेमाल किया है। मंत्रालय ने ट्विटर से कई भड़काऊ सामग्री को वापस लेने का आदेश दिया था, जिसका ट्विटर ने अभी पूरी तरह पालन नहीं किया।

कू के सह-संस्थापक मयंक बिदावत (Mayank Bidawataka) ने बताया कि उनके पास लगभग 15 लाख एक्टिव यूजर्स सहित कुल 20 लाख से अधिक यूजर्स थे। अब, यूजर्स का आंकड़ा 30 लाख को पार कर गया है।

ट्विटर के 1.75 करोड़ यूजर्स हैं और जनता के साथ संवाद करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कैबिनेट मंत्रियों द्वारा ट्विटर का इस्तेमाल किया जाता है।

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अप्रमेय राधाकृष्ण और मयंक बिदावत ने पिछले साल कू की शुरुआत की थी, ताकि यूजर्स को अपनी बात कहने और भारतीय भाषाओं के मंच के साथ जुड़ने का अवसर मिल सके। यह ऐप हिंदी, तेलुगु और बंगाली सहित कई भाषाओं में उपलब्ध है।

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कू ऐप (Koo App) इंफोसिस के पूर्व कार्यकारी टीवी मोहनदास पई द्वारा समर्थित है और इसने पिछले हफ्ते एक्सल, कलारी कैपिटल, ब्लूम वेंचर्स एंड ड्रीम इनक्यूबेटर और थ्रीवनफोर कैपिटल से 41 लाख अमरीकी डॉलर जुटाए थे।

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