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जानिए कौन है ग्रेटा थनबर्ग जिसने विश्वभर के नेताओं को सुना दी खरी-खोटी

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आज विश्व के लिय जलवायु परिवर्तन की समस्या एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने हैं. अंतरराष्ट्ररीय स्तर पर इस विषय को लेकर चर्चा तेज़ होती जा रही है.

एंटोनियो गुटेरेस (यूएन महासचिव) ने 23 सितंबर को न्यूयॉर्क में एक जलवायु शिखर वार्ता का आयोजन किया. यूएन प्रमुख ने बैठक से पहले विश्व नेताओं से भाषणों के बजाय ठोस समाधान लाने की अपील की थी.

संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में 16 साल की थुनबर्ग ग्रेटा ने जलवायु परिवर्तन पर दिए अपने भाषण के बाद पूरे विश्व के नेताओं को जलवायु परिवर्तन के विषय पर सोचने को मजबूर कर दिया. ग्रेटा ने युवा पीढ़ी की आवाज़ को दुनिया के सामने रखते हुए कहा कि, हमें समझ आ रहा है कि जलवायु परिवर्तन पर आपने हमें छला है और अगर आपने कुछ नहीं किया तो युवा पीढ़ी आपको माफ नहीं करेगी. भविष्य इसके परिणाम बेहद ख़तरनाक साबित होंगे.

दुनिया भर में ग्रेटा कर रहीं प्रदर्शन

16 वर्षीय ग्रेटा थनबर्ग स्वीडन की पर्यावरण कार्यकर्ता है, जो जलवायु परिवर्तन की वजह से उत्पन्न होने वाले जोखिमों को लेकर अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर अपनी आवाज बुलंद कर चुकी है. इस मामले में थुनबर्ग ने कई अभियानों में हिस्सा भी लिया है. अगस्त 2018 से हर शुक्रवार स्कूल छोड़कर जलवायु परिवर्तन के लिए आवाज उठाने वाली ग्रेटा आज पर्यावरण प्रेमियों की आवाज़ बन चुकी हैं. ग्रेटा थनबर्ग ने स्वीडन की संसद के बाहर तख्ती लेकर प्रदर्शन किया.

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विश्वभर के नेता इस मुद्दे पर चुप हैं

संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में भाषण देते समय ग्रेटा गुस्से में नजर आ रहीं हैं. ग्रेटा ने कहा, आपने हमारे सपने, बचपन अपने खोखले शब्दों से छीना. मैं भाग्यशाली हूं, लेकिन लोग झेल रहे हैं, मर रहे हैं. पूरा पर्यावरण सिस्टम बर्बाद हो रहा है. आप लोग अब भी इस विषय पर ख़ामोश हैं. ग्रेटा ने नेताओं पर कुछ न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आपने हमें असफल कर दिया. युवाओं की नजरें आप लोगों पर हैं और अगर हमें फिर असफल किया तो कभी माफ नहीं करेंगे. हम आपको जाने नहीं देंगे. दुनिया जाग चुकी है और चीजें बदलने वाली हैं, चाहे आफको यह पसंद आए या न आए.

ज़मीन के रास्ते या नाव से यात्रा करती हैं ग्रेटा

दिसंबर 2018 में पोलैंड में भी UN की बैठक में ग्रेटा थुनबर्ग ने भाषण दिया था. उसने दुनिया के नेताओं को ‘ग़ैरज़िम्मेदार बच्चा’ कहा और जनवरी 2019 में दावोस वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम में भाषण भी दिया. ग्रैटा सिर्फ संयुक्त राष्ट्र में ही नहीं बल्कि ब्रिटेन, इटली, यूरोपीयन संसद में भी बोल चुकी हैं. 18 सितंबर को ग्रेटा थुनबर्ग ने अमेरिकी संसद को संबोधित किया था. ग्रेटा ज़्यादा कार्बन उत्सर्जन के चलते हवाई यात्रा छोड़ दी और ज़मीन के रास्ते या नाव से यात्रा करती हैं.

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जीवनशैली नहीं बदली, तो इंसानी जीवन ख़तरे में आ सकता है

उघर महासचिव गुटेरेश ने बैठक की शुरुआत करते हुए कहा था कि बातचीत बहुत हो चुकी है अब कार्रवाई का समय है. “यह शिखर वार्ता बात करने के लिए नहीं है. बातचीत बहुत हो गई है. यह जलवायु के लिए मोलभाव करने के लिए भी बैठक नहीं है. आप प्रकृति के साथ मोलभाव नहीं करते. यह जलवायु कार्रवाई के लिए शिखर वार्ता है. ”मानवीय गतिविधियों की वजह से जलवायु परिवर्तन अब अस्तित्व के लिए ख़तरा बन गई है. “अगर हम तत्काल अपनी जीवनशैली नहीं बदलते, तो हम जीवन को ही ख़तरे में डाल रहे हैं.”