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‘मिट्टी का कण-कण गूंज रहा है, सरकार को सुनना पड़ेगा’

किसान आंदोलन के समर्थन में राहुल गांधी का ट्वीट
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कृषि कानूनों को लेकर चल रहे किसान प्रदर्शन को एक महीना पूरा हो गया है। अब तक देश के विपक्षी दलों ने इस आंदोलन से दूरी बनाकर रखी थी ताकि किसानों के आंदोलन को कोई विपक्षी दलों की साज़िश न बता सके। लेकिन अब विपक्षी पार्टियों ने इस आंदोलन का समर्थन करना शुरु कर दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा है कि सरकार को यह कानून वापस लेना होगा। प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए उन्होंने एक कविता भी ट्वीट की है।

राहुल गांधी ने अपनी बात कहने के लिए द्वारका प्रसाद माहेश्वरी की लोकप्रिय कविता “वीर तुम बधे चलो” को अपने ही अंदाज में बदल कर ट्विटर पर शेयर किया है। जो कुछ इस प्रकार है-

“वीर तुम बढ़े चलो
धीर तुम बढ़े चलो
वॉटर गन की बौछार हो
या गीदड़ भभकी हज़ार हो
तुम निडर डरो नहीं 
तुम निडर डटो वहीं
वीर तुम बढ़े चलो
अन्नदाता तुम बढ़े चलो!”

राहुल गांधी ने एक वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा की मिट्टी का कण-कण गूंज रहा है, सरकार को सुनना पड़ेगा।

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किसान नेताओं ने सभी विचारधारा की पार्टियों को कहा था कि उन्हें किसी पार्टी का समर्थन नहीं चाहिए वे इससे दूरी बनाकर रखें। इससे पहले लेफ्ट पार्टियों के झंडे किसान आंदोलन में दिखने पर सरकार की ओर से किसान आंदोलन में नक्सली तत्वों के जुड़ने का आरोप लगा दिया गया था। सरकार के मंत्रियों ने इस आंदोलन में बैठे किसानोंं को खालिस्तानी और भटकाए हुए बताने का भी प्रयास किया था।

आम आदमी पार्टी का साहसिक प्रदर्शन

संसद में जब प्रधानमंत्री मोदी अटल जी के जन्मदिन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे तो आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इसका फायदा उठाते हुए किसानों के समर्थन में नारे लगाए।

बढ़ती किसान आंदोलन की लौ

दिल्ली की सीमा पर देश का किसान पिछले एक महीने से आंदोलनरत है लेकिन सरकार कानून वापस लेने को तैयार नहीं दिख रही है। धीरे-धीरे आंदोलन का स्वरुप बड़ा होता जा रहा है। दिल्ली से सटी टिकरी, सिंघू, शाहजहांपुर, रेवारी और गाज़ियाबाद बॉर्डर पर किसानों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है। आने वाले कुछ दिनों में राजस्थान और महाराष्ट्र के किसानों के भी यहां पहंचने की संभावना है।

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बातचीत पर जमी बर्फ

किसान तीनों कानून को वापस लेने की मांग पर अड़े हैं। सरकार कानून वापस लेने से इंकार कर चुकी है।