केरल बाढ़: मदद के लिए आगे आया खालसा ऐड, जानिए क्या काम करता है यह संगठन

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न्यूज़ डेस्क|| केरल में आई सदी की सबसे बड़ी बाढ़ से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। 3 लाख से ज़्यादा लोग बेघर हो चुके हैं। बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए कई हाथ आगे आये हैं। कई गैर सरकारी, समाजसेवी और स्वयंसेवी संगठन केरल में बाढ़ पीड़ितों की मदद कर रहे हैं। ऐसा ही एक समाजसेवी संगठन है ‘खालसा ऐड’ जो केरल में लंगर लगा कर 8000 से ज़्यादा लोगों के भोजन के व्यवस्था कर रहा है।

क्या है खालसा ऐड?

खालसा ऐड एक अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन है, जो दुनिया भर में कहीं भी प्राकृतिक आपदा और युद्ध से प्रभावित हुए लोगों की मदद के लिए पहुंचता है। सिख धर्म की सेवा भावना से प्रेरित यह संगठन दुनिया भर में अपने काम के लिए प्रशंसा बटोर रहा है। सिख धर्म में लंगर की परंपरा इसके उदय के समय से ही चली आ रही है। जिसमें हर छोटा-बड़ा इंसान बिना किसी ऊंच-नीच और भेदभाव के एक-साथ बैठ कर भोजन करता है। दुनिया भर में गुरुद्वारों में लंगर की व्यवस्था होती है। सिख धर्म के इसी सेवा भाव को अपना संविधान मानने वाला यह NGO अफ़ग़ानिस्तान, सीरिया, इराक, म्यांमार और कई देशों में युद्ध से विस्थापित और प्रभावित लोगों को अपनी सेवा मुहैया करवा चुका है। सिरिया में अपने काम की वजह से खालसा ऐड को दुनिया भर में ख्याति मिली। म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के लिए चलाए गए अपने अभियान से भी ‘खालसा ऐड’ चर्चा का विषय बना। इस साल उत्तराखंड में भूस्खलन के बाद खालसा ऐड लोगों की मदद के लिए आगे आया।

युवाओं के जोश और सिख धर्म की सीख से ओत-प्रोत यह संगठन बिना किसी धार्मिक, जातीय भेदभाव के लोगों के चेहरों पर खुशी लाने का काम कर रहा है। और ‘इंसानियत ही धर्म’ के नारे को बुलंद कर रहा है।

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