KERALA FLOOD: क्योंकि हर ज़िन्दगी है ज़रूरी

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तिरुअनंतपुरम,19 अगस्त। केरल इस समय सदी की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। 300 से ज़्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। लाखों लोगों के घर तबाह हो चुके हैं। पेड़ पौधे, वन्य जीव, पालतू जानवर सभी इस जल प्रलय की चपेट में हैं। इंसानो को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए सेना, NDRF, RAF की टीम तैनात है।

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लेकिन कई ऐसे लोग भी हैं जो अपने पालतू जानवरों को मुसीबत में छोड़कर नहीं जाना चाहते। ऐसे लोगों की मदद कर रहा है Humane society International। यह संगठन दुनिया भर में आपदा के दौरान जानवरों को रेस्क्यू करता है। इनके साथ पशु चिकित्सकों की एक टीम भी होती है, जो ज़रूरत पड़ने पर पशुओं का उपचार करती है।

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6 सदस्यीय यह टीम अपनी जान दांव पर लगाकर बाढ़ में फंसे हज़ारों बेज़ुबान जानवरों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम कर रही है। अब तक यह टीम करीब 25 पालतू कुत्तों को रेस्क्यू कर उनके मालिकों तक पहुंचा चुकी है। कई अन्य जानवरों को भी यह टीम बचाने में लगी है।

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अचानक बाढ़ आने की वजह से कई पालतू पशु रस्सियों से बंधे रह गए और उनकी दर्दनाक मौत हो गई। राज्य के कई हिस्सों से संपर्क टूट चुका है। ऐसे में कई हज़ार पशुओं के उन इलाकों में फंसे होने की आशंका है। यह टीम जी जान से उन्हें सुरक्षित निकालने में जुटी हुई है। क्योंकि इनके लिए हर ज़िन्दगी है ज़रूरी।

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