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कर्नाटक: सरकार के इस फैसले के बाद प्राइवेट स्कूल अभिभावकों से नहीं वसूल सकेंगे फीस!

School Reopening in Kashmir
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कर्नाटक सरकार ने प्री-प्राइमरी (केजी) से प्राइमरी 5वीं कक्षा (pre-primary KG to primary till 5th) तक लाइव वर्चुअल क्लासेस प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया है। अभिभावकों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए बीते बुधवार सरकार ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि ऑनलाइन क्लासेस के नाम पर स्कूल अभिभावकों से कोई शुल्क नहीं वसूल सकते।

Ambika Rattanmani | Bengaluru

हालांकि सरकार ने प्री-रिकॉर्डेड वीडियो के साथ क्लासेस लेने की अनुमति दी है। पब्लिक इंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट ने ऑनलाइन क्लासेस को लेकर एक एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी के हेड एम. के. श्रीधर नियुक्त किए गए हैं। यह कमेटी 6वीं से 10वीं कक्षा के ऑनलाइन क्लासेस के फायदे और नुकसान को प्रस्तावित करेगी।

यह कमिटी विद्यार्थियों के एंगेजमेंट और ज्ञान वृद्धि के विषय में गाइडलाइंस पेश करेगी। 10 दिनों के भीतर कमेटी को अपनी रिपोर्ट और गाइडलाइंस पेश करना होगी। इस मामले में प्राइमरी और माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने एक बयान में कहा कि, फिजिकल क्लासेस को ऑनलाइन क्लासेस से रिप्लेस नहीं किया जा सकता। और हर विद्यार्थी यह डिजिटल शिक्षा के लिए उपकरण नहीं ले सकता।

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वहीं डिजिटल शिक्षा पर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हैल्थ एंड न्यूरोसाइंसेस (NIMHANS) ने पहले एक रिपोर्ट जारी की थी जिसके अनुसार यह वर्चुअल शिक्षा 6 वर्ष से नीचे के बच्चों के लिए उचित नहीं है।