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Kappa Variant: कोरोना का नया वेरिएंट आया सामने, कप्पा वेरिएंट हो सकता है खतरनाक

World moving towards third wave of Covid
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Kappa Variant: देश में कोरोना की पहली और दूसरी लहर के बाद अब कोरोना की तीसरी लहर ने भी दस्तक दे दी है। जी हां कोरोना का नया वेरिएंट कप्पा वेरिएंट (kappa Variant) का पहला केस उत्तर प्रदेश में सामने आया है। जिसने लोगों के दिलों में एक डर पैदा कर दिया है। इससे पहले डेल्टा वेरिएंट (Delta Variant) नामक कोरोना वायरस ने सबको परेशान कर दिया था। आपको बता दें कि अनुक्रमण अभ्यास के दौरान कोरोनावायरस के कप्पा स्ट्रेन (kappa Variant) का पता चला था। अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि पहले भी राज्य में इस प्रकार के मामले पाए गए थे।

क्या है कप्पा वेरिएंट?

कोरोना का नया वेरिएंट कप्पा वेरिएंट पैंगो वंश से नाता रखता है। आपको बता दें कि इसे बी.1.617 के नाम से जाना जाता है। कप्पा वेरिएंट (Kappa Variant) 2020 में पहली बार भारत में पाया गया था। कप्पा वेरिएंट की पहचान E484Q और L452R के रूप में की गई है। जिसके चलते शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है। वहीं दूसरी ओर ब्रिटेन के मूल वाले स्ट्रेन का नाम अल्फा रखा जाएगा। आपको बता दें की इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा था की अब से कोविड 19 के आने वाले नए स्ट्रेन का नाम ग्रीक अल्फाबेटिकल लेबल्स रखा जाएगा।

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कप्पा वेरिएंट के क्या हैं लक्षण?

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कप्पा वेरिएंट की लहर के आने से लोगों के मन में ये सवाल उठ रहा है की इसके लक्षण क्या हैं। कैसे पहचाने की उन्हें कप्पा वेरिएंट हुआ है या नहीं। आपको बता दें कि विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी को कप्पा वेरिएंट होता है तो उसे खांसी, बुखार, गले में खराश जैसी प्राइमरी लक्षण दिखाई दे सकते हैं। वहीं इस वेरिएंट को लेकर विशेषज्ञों की शोध जारी है।

कैसे करें कप्पा वेरिएंट से बचाव

किसी भी प्रकार के वेरिएंट से खुद को बचाने के लिए मास्क लगाना आवश्यक है। जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकले। किसी से भी मिलने पर या बातचीत करते समय दूरी बना कर रखें। अपने हाथों को हर 5 मिनट में सेनेटाईज करते रहें। अपनी इम्यूनिटी पर ज्यादा ध्यान दें। कोरोना से संबंधित किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर खुद को क्वारेंटिन कर लें। इसके साथ ही डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

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क्या कहना है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का

शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उत्तर प्रदेश में सीओवीआईडी -19 के कप्पा संस्करण के दो मामलों का पता चला है। किंग जॉर्ज के मेडिकल कॉलेज में पिछले कुछ दिनों में 109 सैंपलों की जीनोम सीक्वेंसिंग की गई। की नियमित समीक्षा बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया है कि सीओवीआईडी -19 का डेल्टा प्लस संस्करण 107 नमूनों में पाया गया, जबकि कप्पा संस्करण दो नमूनों में पाया गया।

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भारत में अब पता चला कोरोनावायरस का कप्पा वेरिएंट क्या है?

जीनोम अनुक्रमण अभ्यास के दौरान कोरोनावायरस के कप्पा स्ट्रेन का पता चला था। अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि पहले भी राज्य में इस प्रकार के मामले पाए गए थे। डेल्टा प्लस की तरह, कप्पा को भी चिंता का एक रूप घोषित किया गया है। वहीं स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि राज्य से जीनोम अनुक्रमण के लिए 2,000 से अधिक नमूने भेजे गए हैं। डेल्टा और कप्पा दोनों ही प्रकार राज्य के लिए नए नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जीनोम सीक्वेंसिंग की सुविधा को बढ़ाया जा रहा है। आपको बता दें कि वर्तमान में राज्य में दैनिक सकारात्मकता दर 0.04 प्रतिशत है।

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