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कानपुर प्रदूषण: हवा में मौजूद हानिकारक गैस और दूषित कणों ने चलते कैंसर के मरीज़ हुए बेहाल

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कानपुर प्रदूषण: हवा में मौजूद हानिकारक गैस और दूषित कणों ने कैंसर रोगियों का दर्द बढ़ा दिया है। उनका आक्सीजन लेवल दिन ब दिन कम कम होता जा रहा है, जिससे उनके सेल्स बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। कीमो और रेडिएशन के बाद सेल्स के लिय आक्सीजन का स्तर सही होना आवश्यक है।

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सबसे अधिक समस्या फेफड़ा, नाक, गला, मुख कैंसर रोगियों को हो रही है। जेके कैंसर संस्थान में काफी संख्या में मरीज़ इस तरह की समस्या लेकर आ रहे हैं। डॉक्टर उन्हें सुबह और शाम के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दे रहे हैं।

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हानिकारक गैसों का स्तर कम न होने से वायु प्रदूषण अब भी शहरवासियों की सांसों में  ज़हर घोल रहा है। केंद्रीय नियंत्रण बोर्ड की जारी एक रिपोर्ट में कहा है कि वायु गुणवत्ता सूचांक बेहद ख़राब है।

कानपुर प्रदूषण: हवा का हाल

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डॉ. दिनेश वर्मा बताते हैं कि वायु प्रदूषण सीधे तौर पर कैंसर के मरीज़ों को प्रभावित नहीं करता है। उनके ठीक होने की दर धीमी हो जाती है। इसी बीच ट्यूमर अधिक सक्रिय हो जाता है। संक्रमण वाले हिस्से में तेज़ी से हमला शुरू कर देता है। कानपुर मंडल में सबसे अधिक मुंख कैंसर के रोगी ही मिलते हैं।

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