एक घंटे तक किसी ने नहीं उतारा, एंबुलेंस में ही तड़प-तड़प कर मर गई महिला

कानपुर में कोरोना
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उत्तर प्रदेश का औद्योगिक शहर कानपुर इस वक्त कोरोना की ज़बरदस्त चपेट में हैं। कोरोना की रोकथाम में सूबे की योगी सरकार दावे तो बड़े-बड़े करती नज़र आ रही है। मगर ज़मीन पर हक़ीकत इससे परे ही नज़र आती है । रविवार को शहर में कोरोना से 6 और लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही कोरोना संक्रमण से मरने वाले रोगियों का आंकड़ा 173 हो गया है।

कानपुर में बेकाबू है कोरोना

कोरोना मरीज़ों के साथ रोज़ाना आमनवीय व्यवहार की ख़बरे आ रही हैं। ऐसा ही एक मामला कानपुर के हैलट अस्पताल से सामने आया है, जहां अस्पताल में महिला रोगी एक घंटे तक एंबुलेंस में पड़ी रही और उसकी मौत हो गई लेकिन उसे उतारने के लिए कोई नहीं आया।

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कानपुर के बर्रा की रहने वाली 55 साल की एक रोगी को हैलट में जांच के लिए लाया गया। यहां उसकी जांच की गई तो कोविड पॉजीटिव आई। इस पर बाहर खड़ी एंबुलेंस से उसको कोविड अस्पताल भेजा गया। वहां रोगी अस्पताल में इस लिए भर्ती नहीं हो सकी कि उसको एंबुलेंस से उतारने कोई नहीं आया और उसकी मौत हो गई।

अब इस मामले की होगी जांच

परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है। कार्डियोलॉजी से उसे हैलट इमरजेंसी रेफर कर दिया गया। यहां उसे भर्ती कर लिया गया। एंटीजन रैपिड कार्ड से वह कोरोना पॉजीटिव निकली तो उसे न्यूरो साइंस स्थित कोविड अस्पताल भेज दिया गया। रोगी को एंबुलेंस से भेजा गया लेकिन वहां कोई उतारने नहीं आया और उसकी मौत हो गई।

हैलट की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रिचा गिरि का कहना है कि इस मामले में जांच कराएंगे। जब जानकारी थी तो रोगी को उतारने में क्यों देरी की गई? इसकी जांच होगी।

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वहीं, कानपुर शहर में कोरोना संक्रमितों की संख्या 3844 हो गई है। कोरोना से अब तक 1842 रोगी ठीक हो चुके हैं। इस वक्त एक्टिव केस 1819 हैं। कोरोना संक्रमित मरने वाले रोगियों का आंकड़ा 173 हो गया है।

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