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मध्य प्रदेश उपचुनाव सर्वे रिपोर्ट में कमलनाथ पहली पसंद, बीजेपी ने RSS के सर्वे को नकारा

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मध्य प्रदेश उपचुनाव के लिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा तरह-तरह के सर्वे कराने की चर्चा तेज है। कमलनाथ ने कांग्रेस के साथ-साथ बीजेपी प्रत्याशियों को लेकर भी सर्वे कराए हैं कि कौन प्रत्याशी कितना दमदार है। कांग्रेस अपने सर्वे के आधार पर सभी सीटों पर जीत का दावा कर ही है। कांग्रेस नेता भूपेंद्र गुप्ता कहते हैं कि सर्वे के आधार पर पार्टी सभी सीटों पर जीत दर्ज करने जा रही है। इस सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के लिए कमलनाथ को पहली पसंद गया है। वहीं आरएसएस द्वारा कराए गए सर्वे को बीजेपी मानने से इंकार कर रही है।

माना जा रहा है कि आरएसएस ने उपचुनाव के लिए जो सर्वे कराया है उसमें बीजेपी की राह थोड़ी मुश्किल नजर आ रही है। शायद यही वजह है कि बीजेपी जमीनी स्तर पर अब लगातार पार्टी को मजबूत बनाने में जुटी है। हालांकि पार्टी के प्रवक्ता राकेश शर्मा का कहना है कि हम जनता के लिए काम करते हैं इसलिए जनता ही हमें उपचुनाव में जीत दर्ज कराएगी। राजनीतिक जानकारों की राय बीजेपी और कांग्रेस के इन सर्वे पर अलग है।

राजनीतिक जानकार और वरिष्ठ पत्रकार दीपक तिवारी कहते हैं कि पार्टी के सर्वे पर तो वह कुछ नहीं कहेंगे। लेकिन यह बात बिल्कुल सच है कि जो मार्केटिंग रिसर्च कंपनी सर्वे करने का काम करती हैं। यह काफी हद तक एक दिशा का बोध कराते हैं। यही कारण हैं कि हम लोगों ने प्री पोल और पोस्ट पोल सर्वे जो भारत में देखे हैं, कमोबेश वह ज्यादा गड़बड़ नहीं हुए हैं। कुछ सर्वे अगर गड़बड़ हुए या दिशा से भटके और गलत संकेत दे गए हो। लेकिन अमूमन 60 फ़ीसदी से ज्यादा सर्वे सही होते हैं। तो राजनीतिक दलों के सर्वे के पैमाने अलग होते है।

इसलिए इन पर अभी से टिप्पणी नहीं की जा सकती। चुनावी सर्वे से बनाया जा रहा माहौल इन चुनावी सर्वे के जरिए सोशल मीडिया पर भी बीजेपी और कांग्रेस मतदाताओं को लुभाने में जुटी है। लेकिन यह सर्वे कितने सही और कितने गलत साबित होते हैं यह तो चुनाव के बाद ही पता चलेगा।हां इतना जरुर है कि बीजेपी और कांग्रेस के इन सर्वे से मध्य प्रदेश का सियासी पारा पूरी तरह चढ़ चुका है। बीजेपी और कांग्रेस को यह अच्छी तरह पता है कि अगर एक बार किसी के पक्ष में माहौल बन गया तो चुनाव की दिशा और दशा दोनों बदल जाएगी। यही वजह है कि दोनों पार्टियां चुनावी सर्वे के जरिए अपने-अपने कार्यकर्ताओं में जोश भरने में जुटी है। ताकि इस सियासी जंग में फतह हासिल की जाए।