भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने पर IIT प्रोफेसर से छीन ली गई नौकरी

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Ground Report । Nehal Rizvi

इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. बृजेश कुमार राय के कथित टर्मिनेशन के बाद आईआईटी गुवाहाटी में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। रिपोर्टों के अनुसार, डॉ. राय ने आरोप लगाया था कि संस्था भ्रष्टाचार जैसे संगील मामले को अंजाम दे रही है। इसके बाद में उसके खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए और कथित तौर पर उन्हें टर्मिनेट कर दिया गया।

आईआईटी के एक छात्र विक्रांत सिंह ने यूटयूब पर एक विडियो अपलोड़ किया है। जिसमें डॉ. राय ने विस्तार के संस्था के भ्रष्टाचार पर बात करते हुए आरोप लगाया कि संस्था में विभिन्न मामलों में भ्रष्टाचार हुआ है और साथ ही स्टाफ चयन के मामले में भी। एक साल में, लगभग 50 लोग अवैध रूप से कार्यरत किए गए।

छात्रों ने यह भी आरोप लगाया है कि संस्था के निदेशक टी.जी सीताराम ने हाल ही में अपने बंगलो और कार्यालय पर 40 लाख खर्च किए जिसमें एक टेबल के लिए 1.8 लाख रुपये तक खर्च किय गए।

जी प्लस से बात करते हुए  संस्था के पीआरओ, लबानू कोंवर ने कहा कि राय के टर्मिनेशन के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अक्टूबर में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गुवाहाटी के निदेशक और डीन के खिलाफ उत्तरी गुवाहाटी पुलिस स्टेशन में छात्रों के पैसों के दुरुपयोग के मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

अनुसंधान के रिसर्च स्कॉलर विक्रांत सिंह द्वारा दायर एफआईआर के अनुसार, आईआईटीजी के निदेशक और डीन ने अगस्त में एक पांच सितारा होटल में एक बैठक की थी और कॉलेज के फंड से कथित तौर पर बिलों का भुगतान किया था।