नहीं दी परीक्षा तो अगले सेमेस्टर के लिए होंगे अयोग्य, जेएनयू प्रशासन की छात्रों को चेतावनी

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न्यूज़ डेस्क, ग्राउंड रिपोर्ट
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में फ़ीस बढ़ोत्तरी के चलते लगभग पिछले पचास दिन से छात्र धरने पर बैठे हैं. पूरे आंदोलन में अब तक राजधानी की सड़कों पर कई बार मार्च और धरना निकाले जा चुके हैं. इसी बीच पड़ी सेमेस्टर की परीक्षाओं का भी छात्रों ने ये कहकर बहिष्कार किया कि प्रशासन परीक्षा की आड़ में दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है. लेकिन अब जेएनयू प्रशासन ने छात्रों को एक अद्भुत विकल्प देते हुए कहा है कि वे व्हाट्सप्प और इ मेल के ज़रिये भी परीक्षा लेने को तैयार हैं. परीक्षा की इस प्रक्रिया को टेक होम एग्ज़ाम कहा जाता है. चेतावनी में कहा गया है कि जो छात्र परीक्षा का बहिष्कार कर रहे हैं, वो अगले सेमेस्टर में पंजीकरण के लिए पात्र नहीं होंगे. बता दें कि जेएनयू में छात्रों का मूल्यांकन अलग-अलग तरीकों से जैसे कि घर के असाइनमेंट, क्विज़, टर्म पेपर, प्रजेंटेशन, सेक्शनल परीक्षाओं आदि में किया जाता है.

विश्वविद्यालय का ये भी कहना है कि प्रदर्शनकारी छात्र बाकी छात्रों को अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा देने से रोक रहे हैं, इसलिए यूनिवर्सिटी के विशेष केंद्रों के चेयरपर्सन ने छात्रों को ‘टेक-होम परीक्षा’ का विकल्प देने का फैसला किया है. प्रशासन ने ये भी स्पष्ट किया है कि विश्वविद्यालय परीक्षाओं के संचालन के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है. जो लोग अपनी मर्जी से परीक्षा देने से इनकार करते हैं. ऐसे में अगर वे शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा नहीं करते हैं तो वे अगले सेमेस्टर में पंजीकरण के लिए पात्र नहीं होंगे. इसके लिए विश्वविद्यालय के अध्यादेश का हवाला भी दिया.

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अभी तक कई प्रोफ़ेसर ईमेल के जरिये परीक्षा के प्रश्न छात्रों को भेज चुके हैं और 21 दिसंबर तक का समय दिया गया है. यूनिवर्सिटी का कहना है कि परीक्षा देने के इच्छुक हर छात्र के पास परीक्षा देने का अवसर होगा. विश्वविद्यालय ने कहा कि छात्रों के शैक्षिक हितों की रक्षा करना विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है.