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Jio Fiber vs Starlink: जियो फाइबर और स्टारलिंक आमने-सामने, देखें कौन किससे आगे

Jio Fiber vs Starlink:
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Jio Fiber vs Starlink: एलोन मस्क की कंपनी स्टारलिंक जो अगले साल तक भारत की हर जगह में सैटेलाइट के माध्यम से इंटरनेट सेवाएं (Jio Fiber vs Starlink) उपलब्ध कराने के काम मे लगी है, वहीं मुकेश अंबानी की कंपनी जियोफाइबर (Jio Fiber vs Starlink) अब वैश्विक स्तर पर व्यापार करने जा रही है। जियोफाइबर इंटरनेट सेवाएं फाइबर ऑप्टिकल के माध्यम से उपलब्ध कराती है , वहीं स्टारलिंक अपने सेवाएं सीधा सैटेलाइट के माध्यम से उपलब्ध कराएगी इस प्रकार स्टारलिंक का कहना है कि आप पूरी दुनिया में किसी भी जगह में हों आप इंटरनेट का उपयोग कर सकेंगे वहीं जियोफाइबर स्टारलिंक को टक्कर देने के लिए अपनी फाइबर ऑप्टिक एशिया और यूरोप में फैलाने का काम कर रहा है।

बेशक जियोफाइबर का उपयोग जंगल और समुद्र जैसी जगहों में नहीं हो पायेगा लेकिन जमीनी स्तर पर जियोफाइबर को टक्कर दे पाना मुश्किल है कारण है इसके सस्ते और किफायती प्लान जहां जियोफाइबर 700 रुपये से अपना मंथली प्लान शुरू करती है वहीं स्टारलिंक का प्लान 7000 रुपये से शुरू होता है।

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दूसरा कारण है स्पीड जियोफाइबर 100-1000 एमबीपीएस की स्पीड देता और साथ मे फ्री टेलीफोन और लैंडलाइन कॉल्स, फ्री टीवी पेड चैनल्स, जियो सिनेमा, रिलीज डेट में घर पर ही मूवी उपलब्ध कराना जैसे आकर्षक ऑफर देता है वहीं स्टारलिंक सिर्फ 50-150 एमबीपीएस की स्पीड उपलब्ध करा पा रहा है। ऐसे सस्ते अॉफर और बेहतरीन स्पीड के साथ जियोफाइबर न की सिर्फ भारत में बल्कि विदेशों में भी स्टारलिंक के लिए परेशानियां पैदा करेगा।

जियोफाइबर भारत के पूर्व में स्थित देशों को अपनी फाइबर ऑप्टिक ‘इंडिया एशिया एक्स्प्रेस’ की सहायता से उपलब्ध करायेगा। यह फाइबर ऑप्टिक मुम्बई के समुद्री तल से निकलकर श्री लंका और फिर भारत के पूर्व एशियाई देशों तक जायेगा यह काम साल 2023 के मध्य तक पूरा हो जायेगा।

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भारत के पश्चिम एशियाई देशों के साथ अरब देश और मिडिल ईस्ट होते हुए ‘इण्डिया यूरोप एक्स्प्रेस’ फाइबर ऑप्टिक 2024 तक यूरोप में पहुंच जाएगी फिर उसके बाद उत्तरी अफ्रीका होते हुए यह फाइबर ऑप्टिक उत्तरी और दक्षिण अमेरिका भी पहुंचेगी। ऐसे में स्टारलिंक और जियोफाइबर की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भिडंत होगी और इस भिडंत का फायदा उपयोगकर्ताओं को मिलेगा।

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