झारखंड: छोटे से गावं के युवक को जर्मनी में पब्लिक पॉलिसी कोर्स में पढ़ाई के लिए ऑफर

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Ground Report News Desk | Ranchi

झारखंड के लातेहार जिले के एक छोटे से गांव के रहने वाले अमित नाम के युवक को जर्मनी में पब्लिक पॉलिसी की पढ़ाई के लिए ऑफर किया गया है। नक्सल प्रभावित और अति पिछड़े जिले से होने के बावजूद भी कड़ी मेहनत और दृढ इरादे ने अमित को सफलता दिलाई।

अपने गांव के ही सरकारी स्कुल में पढ़े अमित बचपन से ही पढाई लिखाई में अव्वल रहे हैं। शुरुआत दिनों से ही अमित संघर्षशील रहे हैं।  परिवार की आर्थिक स्थिति लचर होने के बावजूद माता-पिता ने अमित की पढ़ाई में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। यही कारण है कि अमित आज अपने शैक्षिक करियर की सफलता के शिखर पर पहुंच सकें।

कर चुके हैं चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के साथ काम

मशहूर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के संस्थान इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (IPAC) में काम के दौरान अमित को साल 2016 में डेनमार्क के रोश्किन विश्वविध्यालय में क्रिटिकल एज एलीयंस कांफ्रेंस में प्रेजेंटेशन के लिए बुलाया गया था। गौरतलब है कि अमित  IPAC के प्रमुख स्तम्भों में से एक रहे हैं।

अमित ने ग्रेजुेशन की पढ़ाई रामकृष्ण मिशन विवेकानंद शैक्षिक और शोध संस्थान से कीहै। इसके बाद  परास्नातक की पढ़ाई साउथ एशिया के प्रतिष्ठित टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान मुंबई  से की। यहीं पर पढाई करते समय ही 2015 में इनका नाबार्ड इंटर्नशिप प्रोग्राम हेतु मुंबई मुख्यालय में सिलेक्शन हुआ था।

अमित अपने पिता के बड़े बेटे हैं। इनके पिता क्षेत्रीय स्तर पर बस एजेंट का काम करते हैं तथा मां गृहणी हैं। पारिवार की आर्थिक परिस्थिति सही नहीं होने की वजह से अमित को शुरू से ही काफी संघर्ष पूर्ण जीवन व्यतीत करना पड़ा था। पढाई के समय ये  ट्यूशन पढ़ाते थे। रांची में पढ़ाई के समय स्थिति इतनी खराब हो गई थी की इन्हें पार्ट टाइम जॉब भी करना पड़ा।

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