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JNU कल्चर का अहम हिस्सा रही पार्थसारथी रॉक लंबे आंदोलन के बाद फिर छात्रों के लिए खुली

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Ground Report | न्यूज़ डेस्क

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी ( Jawaharlal Nehru University) हमेशा यहां के छात्रों की वजह से चर्चा में रहती है। यहां छात्र लोकतांत्रिक मूल्यों और अधिकारों के लिए आंदोलन करते रहते हैं, और हमें आज़ादी का एहसास करवाते हैं। हालिया मामला है JNU छात्रों द्वारा यूनिवर्सिटी प्रशासन के एक फैसले के खिलाफ किये गए आंदोलन का, जिसमें JNU कल्चर का अहम हिस्सा रही पार्थसारथी रॉक (Parthasarathy Rocks) पर छात्रों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। सभी विचारधाराओं की छात्र इकाई इस फैसले के खिलाफ खड़ी हुई और उन्होंने अपने आंदोलन से प्रशासन को यह फैसला वापस लेने पर मजबूर कर दिया।

पार्थसारथी रॉक JNU कैम्पस का सबसे ऊंचा स्थान है। इस जगह का नाम JNU के पहले कुलपति के नाम पर रखा गया है। इस जगह पर छात्र इकठ्ठा होते हैं और कई विषयों पर चर्चा करते हैं। दिन भर की पढ़ाई के बाद पार्थसारथी रॉक मौजमस्ती, गहन चर्चा, गीत- संगीत का केंद्र बन जाती है।

JNU में पढ़ने वाले हर छात्र के लिए वहां के ढाबों और पार्थसारथी रॉक पर बिताए गए पल सबसे अच्छी यादों में से एक हैं। जब प्रशासन ने छात्रों को वहां जाने से रोका तो इसे छात्रों के लिए उपलब्ध ओपन स्पेस पर अधिग्रहण की तरह देखा गया और इसे JNU सभ्यता पर हमला करार दिया गया।

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इस आंदोलन में छात्रों को शिक्षकों का भी साथ मिला। JNU प्रशासन ने पार्थसारथी रॉक पर हुए एक एक्सीडेंट के बाद वहां जाने वाले रास्ते पर ताला लगा दिया था। जिसे छात्रों के आंदोलन के बाद खोल दिया गया।