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जामिया हिंसा पर चीफ जस्टिस: कानून हाथ में नहीं ले सकते छात्र

सुप्रीम कोर्ट में लखीमपुर की सुनवाई
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ग्राउंड रिपोर्ट । न्यूज़ डेस्क

देश के प्रधान न्यायाधीश शरद अरविंद बोबड़े ने कहा, “वे विद्यार्थी हैं, इसका अर्थ यह नहीं है कि वे कानून एवं व्यवस्था अपने हाथ में ले सकते हैं, इस पर सब कुछ शांत होने पर फैसला लेना होगा। इस समय ऐसा माहौल नहीं है, जब हम कुछ तय कर सकें, दंगे रुकने दीजिए.”

शरद अरविंद बोबड़े , मुख्य न्यायाधीश

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जामिया हिंसा मामला

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जामिया और अलीगढ़ हिंसा मामले पर सीनियर वकील इंदिरा जयसिंह ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सुप्रीम कोर्ट सीनियर वकील इंदिरा जयसिंह की अर्जी पर सुनवाई को तैयार हो गया है और इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट कल सुनवाई करेगा। दरअसल, सीनियर वकील इंदिरा जयसिंह ने चीफ जस्टिस बोबडे की बेंच को मामले का स्वत: संज्ञान लेने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यह मानव अधिकार हनन का गंभीर मामला है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर कल सुनवाई करेगा।

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सीए बोबडे ने जामिया हिंसा मामले पर नाराजगी जाहिर की। चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कहा कि क्योंकि वे स्टूडेंट्स हैं, इसका मतलब ये नहीं कि वे कानून-व्यवस्था अपने हाथ में ले लेंगे। हिंसा रूक जाएगी, तभी हम इस मामले को सुनेंगे।  

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जामिया हिंसा से जुड़ी प्रमुख बातें-

1.दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया यूनिवर्सिटी में नागरिकता कानून का विरोध कर रहे थे छात्र। पहले दिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा अगले दिन विरोध प्रदर्शन हिंसा में तब्दील हो गया।

2.जामिया शिक्षक संघ ने कहा कि रविवार को हुई हिंसा में छात्रों का हाथ नहीं था। जामिया नगर के स्थानीय लोग इस आंदोलन में थे शामिल। आप एमएलए अमानतुल्लाह खान का हाथ होने की भी बात।

3.रविवार को जामिया नगर और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में आगज़नी और पथराव किया गया। डीटीसी की बसों में आग लगा दी गई थी। जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।

4.पुलिस ने जामिया यूनिवर्सिटी में जबरन घुसकर छात्रों को पीटा, लाईब्रेरी में आंसू गैस के गोले छोड़े। कई छात्रों को गंभीर चोटें आई। पुलिस की बर्बरता के वीडियो हुए वायरल।

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5. जामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ हुई मारपीट के विरोध में जेएनयू, दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र रविवार रात दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर जुटे और रात भर प्रदर्शन किया। जामिया में छात्रों के खिलाफ पुलिसिया कार्यवाई के विरोध में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, आईआईटी मुंबई, हैदराबाद यूनिवर्सिटी, बीएचयू में भी प्रदर्शन हुए।

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