Jagdish Upasane chairman of Prasar Bharati Recruitment Board was the group editor of RSS 'Panchjanya'

जगदीश उपासने बने प्रसार भारती भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष

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सरकारी प्रसारणकर्ता प्रसार भारती ने अपना पहला भर्ती बोर्ड स्थापित कर लिया है। इस भर्ती बोर्ड के तहत प्रसार भारती भारत सरकार के संयुक्त सचिव से नीचे तक के यानी कम वेतनमान वाले पदों पर अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति करेगा। प्रसार भारती का गठन 1997 में प्रसार भारती (ब्रॉडकास्टिंग ऑफ इंडिया) एक्ट 1990 के तहत स्वायत्त संस्था के रूप में स्थापित किया गया था। यह पहला मौका है जब गठन के बाद से लेकर अब तक ये प्रसार भारती का पहला भर्ती बोर्ड है। वरिष्ठ पत्रकार व ‘भारत प्रकाशन’ के निदेशक जगदीश उपासने को इस भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष के तौर पर नामित किया गया है। सूचना-प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव (बी-2) को बोर्ड का एक्स-आफिसो मेंबर बनाया गया है।

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Suyash Bhatt | Bhopal

इस बोर्ड में चार और सदस्य होंगे। प्रसार भारती की सेवानिवृत्त एडीजी (प्रोग्राम) दीपा चंद्रा, पूर्व एडीजी (इंजी.) पीएन भाकला, किमब्योंग किपगेन और चेतन प्रकाश जैन इसके सदस्यों के नाम हैं। अध्यक्ष और सदस्यों के लिए भर्ती बोर्ड के कामकाज के लिए फीस होगी, जिसे जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा, लेकिन उन्हें कोई वेतन और मानदेय नहीं मिलेगा। उल्लेखनीय है कि प्रसार भारती के अधीन ‘ऑल इंडिया रेडियो’ और ‘दूरदर्शन’ टेलीविजन नेटवर्क आता है।

बता दें कि वरिष्ठ पत्रकार व ‘भारत प्रकाशन’ के निदेशक जगदीश उपासने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति भी रह चुके हैं। वे ‘इंडिया टुडे’ में कार्यकारी संपादक की भूमिका निभा चुके हैं। इसके अलावा वे ‘जनसत्ता’, ‘युगधर्म’, ‘हिन्दुस्थान समाचार’ जैसे अखबारों व समाचार एजेंसियों में पत्रकारिता कर चुके हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखपत्र ‘पांचजन्य’ को टेबलॉयड अखबार के बजाए पत्रिका के स्वरूप में निकालने का जब विचार हुआ, तो जगदीश उपासने को इसका समूह संपादक बनाया गया। आज ‘पांचजन्य’ और ‘ऑर्गनाइजर’ दोनों प्रकाशन एक नए कलेवर में लोगों के बीच सराहे जा रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ के बालोद कस्बे और रायपुर शहर से अपनी पढ़ाई करते हुए छात्र आंदोलनों और सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े जगदीश उपासने ने विधि की परीक्षा में गोल्ड मैडल भी हासिल किया था। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, मप्र के वे प्रमुख कार्यकर्ताओं में से एक थे। आपातकाल के दौरान वे तीन माह फरार रहे तो मीसा बंदी के रूप में 16 महीने की जेल भी काटी ।

उनके माता-पिता का छत्तीसगढ़ के सार्वजनिक जीवन में खासा हस्तक्षेप था। मां रजनीताई उपासने 1977 में रायपुर शहर से विधायक भी चुनी गयीं। उपासने के पिता श्री दत्तात्रेय उपासने जो अब इस दुनिया में नहीं हैं, प्रख्यात समाज सेवी थे। उपासने परिवार का राजनीति एवं समाज सेवा में काफी योगदान रहा है। परिवार के मुखिया के नाते श्री दत्तात्रेय उपासने ने आपात काल का वह दौर भी झेला था, जब उनके परिवार के अधिकतर सदस्य जेल में डाल दिए गए थे। संघ परिवार में भी उनका अभिभावक जैसा सम्मान था। जगदीश उपासने के अनुज सच्चिदानंद उपासने छत्तीसगढ़ में भाजपा प्रवक्ता हैं।