चुनाव जीतने के लिए टीडीपी सरकार कर रही है सत्ता का दुरुपयोग : जगन मोहन रेड्डी

न्यूज़ डेस्क।। आंध्र प्रदेश की टीडीपी सरकार आगामी चुनाव जीतने के लिए, लोकतंत्र को ख़त्म कर सत्ता का हर तरह से दुरूपयोग कर रही है। 04 फरवरी 2019 को आंध्र प्रदेश विधान सभा में विपक्ष के नेता और YSRCP अध्यक्ष श्री जगन मोहन रेड्डी ने दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात के दौरान उन्हें राज्य की मतदाता सूची में खामियों की जानकारी दी थी। इसके साथ ही उन्होंने आंध्र प्रदेश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध भी किया था।

सितंबर 2018 में YSRCP ने आंध्र प्रदेश की मतदाता सूची में 52.7 लाख डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान की थी, जिस संबंध में कई बार चुनाव आयोग को भी जानकारी दी गई। हाल में जारी आंध्र प्रदेश की नवीनतम सूची में टीडीपी सरकार के इशारे पर ऐसे डुप्लीकेट मतदाताओं की संख्या बढ़कर 59.2 लाख हो गई है, जो कि चुनावी प्रक्रिया को कमजोर करने और चुनाव जीतने के लिए टीडीपी की अलोकतांत्रिक कोशिश की तरफ इशारा करती है। आंध्र प्रदेश में मौजूद 369 लाख मतदाताओं में से 59 लाख से अधिक मत अवैध या डुप्लीकेट पाए जाने के बाद चुनावों पर इसके भयावह असर पड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

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20 फरवरी 2019 को पूर्व उप चुनाव आयुक्त विनोद जुत्शी के नेतृत्व में चुनाव आयोग की 10 सदस्यीय टीम राज्य में मतदाता सूची का ऑडिट करने और सूची में मौजूद विसंगतियों की जाँच के लिए आंध्र प्रदेश पहुँची। इस टीम ने पहले ही विजयवाड़ा, राजमुंदरी, तिरुपति और विशाखापट्टनम जिलों की मतदाता सूची में मौजूद विसंगतियों की पहचान कर इसके विरुद्ध नोटिस जारी करना भी शुरू कर दिया है।

इससे पहले YSRCP लीगल सेल के अध्यक्ष सुधाकर रेड्डी की याचिका पर आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने भी बड़े पैमाने पर मौजूद इन विसंगतियों पर संज्ञान लिया और चुनाव आयोग को इस मामले पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। उच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग से कहा कि वह सुनिश्चित करें कि याचिकाकर्ता के मतदाता सूची के संबंधित सभी संदेहों का दूर किया जाए।