WhatsApp : आम चुनाव के दौरान शिक्षाविदों, दलित कार्यकर्ताओं और पत्रकारों की हुई जासूसी

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Ground Report । Nehal Rizvi

फेसबुक के स्वामित्व वाले प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप ने एक चौंकाने वाले खुलासे में कहा है कि भारत में आम चुनाव के दौरान पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर निगरानी के लिए इजरायल के स्पायवेयर पेगासस का उपयोग किया गया।

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, यह खुलासा सैन फ्रांसिस्को में एक अमेरिकी संघीय अदालत में मंगलवार को दायर एक मुकदमे के बाद हुआ जिसमें वॉट्सऐप ने आरोप लगाया कि इजरायली एनएसओ समूह ने पेगासस से करीब 1,400 वॉट्सऐप उपयोगकर्ताओं को निशाना बनाया।

हालांकि, वॉट्सऐप ने भारत में निगरानी के लिए निशाना बनाए गए लोगों की पहचान और उनकी सटीक संख्या का खुलासा करने से इनकार कर दिया। वहीं, वॉट्सऐप के प्रवक्ता ने बताया कि वॉट्सऐप को निशाना बनाए गए लोगों की जानकारी थी उसने उनमें से प्रत्येक से संपर्क किया था।

वॉट्सऐप के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘भारतीय पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की निगरानी की गई हालांकि, मैं उनकी पहचान और सटीक संख्या का खुलासा नहीं कर सकता. मैं कह सकता हूं कि यह एक बहुत ही छोटी संख्या नहीं है।’

यह पता चला है कि वॉट्सऐप द्वारा भारत में कम से कम दो दर्जन शिक्षाविदों, वकीलों, दलित कार्यकर्ताओं और पत्रकारों से संपर्क किया गया और उन्हें सचेत किया गया कि मई 2019 तक दो सप्ताह की अवधि के लिए उनके फोन अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर की निगरानी में थे।