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‘जय शाह की वजह से संभव हो पाया IPL 2020 का सफल आयोजन’, क्या थी मुश्किलें?

jay shah behind success of ipl 2020 during pandemic
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कोरोना महामारी की बीच कराया गया IPL 2020 काफी सफल रहा। इस बार आईपीएल करवाना चुनौतीपूर्ण था। खिलाड़ियों की सुरक्षा करना सबसे बड़ी चुनौती था। बीसीसीआई ने IPL 2020 कैंसल करने का पूरा मन बना लिया था। लेकिन बीसीसीआई के सेक्रेटरी जय शाह ने सभी को हिम्मत दी और पूरे आत्मविश्वास से इसे कराने का भरोसा दिया। जय शाह की हिम्मत की वजह से ही भारत कोरोना महामारी के बीच आईपीएल कराने में सफल हो पाया। भारतीय क्रिकेट बोर्ड को यूएई में इस वर्ष कराए गए आईपीएल से 4 हज़ार करोड़ का रिवेन्यू प्राप्त हुआ है। पिछली बार की तुलना में टीवी दर्शकों की संख्या भी 25 फीसदी अधिक रही है। 60 मैचों के दौरान 1800 लोगों के 30 हज़ार RTPCR टेस्ट कराए गए ताकि आईपीएल को कोरोना का ग्रहण न लग सके। यह सब जानकारी आईपीएल खत्म होने के बाद बीसीसीआई के ट्रेज़रर अरुण धूमल ने दी है।

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क्यों रहा इस बार का IPL 2020 खास?

-इस बार का आईपीएल भारत के लिए कोरोना महामारी के बीच कराया गया सबसे बड़ा और पहला खेल इवेंट था।
-कोविड के बीच इस बार आईपीएल 19 सितंबर से 10 नवंबर के बीच दुबई, आबू धाबी और शारजाह में कराया गया।
-वर्लड टेनिस स्टार जोकोविक के कोविड पॉज़िटिव हो जाने के बाद आईपीएल पर भी संकट के बादल मंडराने लगे थे।
-हालांकि बीसीसीआई के सेक्रेटरी जय शाह ने सभी को हिम्मत दी और आईपीएल हो पाया।
-बोर्ड ने इस बार पिछले वर्ष की तुलना में 35 पर्सेंट की कॉस्ट कटिंग की, बोर्ड को महामारी के दौरान कराए गए आईपीएल में 4000 करोड़ का रिवेन्यू प्राप्त हुआ है।
-अगर यह आईपीएल नहीं होता तो क्रेकेटरों के लिए एक साल बर्बाद हो जाता।
-आईपीएल कराने के लिए यूएई और श्री लंका की तरफ से बोर्ड को आमंत्रण प्राप्त हुआ था, जिसे बाद में यूएई में कराने का फैसला
लिया गया क्योंकि पहले भी वे मेजबानी कर चुके थे।

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IPL 2020 को कैसे किया गया कोरोना प्रूफ?

-कोरोना से बचाने के लिए कई तरह के सख्त नियमों का पालन किया गया। इसमें 30 हज़ार आरटीपीसीआर टेस्ट शामिल हैं।
-खिलाड़ियों की आवाजाही के लिए विशेष ध्यान रखा गया। प्लेन में केवल 20 प्रतिशत सीटें इस्तेमाल की गई।
-आवाजाही के लिए बस का इस्तेमाल किया गया।
-होटलों में खास व्यवस्था की गई। 200 रुम केवल खिलाड़ियों को क्वारंटीन करने के लिए बुक किए गए थे।
-इस दौरान पहला झटका तब लगा जब शुरुवाती दिनों में ही चेन्नई सुपर किंग के दर्जन भर सदस्य पॉज़िटिव पाए गए, जिसमें दो खिलाड़ी भी
शामिल थे।
-सभी लोग एसिंम्टोमैटिक थे, इसलिए सभी को आईसोलेट कर दिया गया।
-इस दौरान यूएई ने पूरा सहयोग किया जिसके लिए वे धन्यवाद के काबिल हैं।
-यह सारी जानकारी बीसीसीआई के ट्रेज़रर अरुण धूमल द्वारा दी गई है।

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