देश के ग़रीब को ‘भाषण’ नहीं ‘राशन’ चाहिए मोदी जी…

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  • 25 मार्च से लागू हुआ था 21 दिन का लॉकडाउन
  • आद देशभर में 3 मई तक बढ़ा दिया गया लॉकडाउन
  • केंद्र सरकार कल जारी करेगी विस्तृत गाइडलाइन

कोरोना वायरस (coronavirus) महासंकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM-MODI) ने देश में लॉकडाउन को एक बार फिर बढ़ाने का ऐलान किया है। अब देश में 3 मई तक रहेगा लॉकडाउन । 25 मार्च को लागू हुआ 21 दिन का देशव्यापी लॉकडाउन खत्म होने नहीं जा रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश के नाम संबोधन में इसे 3 मई तक बढ़ाने की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें आर्थिक मोर्चे पर चुनौती मिली हैं, लेकिन देशवासियों की जान ज्यादा कीमती है। बता दें कि लॉकडाउन की वजह से देश में सब कारोबार ठप पड़ा है, जिसका सबसे अधिक असर मजदूरों पर पड़ा है।

25 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि 20 अप्रैल से कुछ जरूरी चीजों की अनुमति दी जाएगी। अगर आपके इलाके में कोरोना पैर पसारता है तो ये अनुमति तुरंत वापस ले ली जाएगी। 26 दिन में मोदी का देश के नाम यह चौथा संदेश था। राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन का बहुत बड़ा लाभ देश को मिला है, अगर सिर्फ आर्थिक दृष्टि से देखें तो बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है। लेकिन लोगों की जिंदगी के आगे इसकी तुलना नहीं हो सकती।

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दिहाड़ी मज़दूर, और ग़रीब परिवारों की बढ़ेगी मुश्किल

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के मुताबिक़, भारत में कम से कम नब्बे फीसदी लोग गैर-संगठित क्षेत्रों में काम करते हैं । ये लोग सिक्योरिटी गार्ड, सफाई करने वाले, रिक्शा चलाने वाले, रेहड़ी लगाकर सामान बेचने वाले, कूड़ा उठाने वाले और घरों में नौकर के रूप में काम करते हैं। इनमें से ज़्यादातर लोगों को पेंशन, बीमार होने पर छुट्टी, पेड लीव और किसी भी तरह का बीमा नहीं मिलता है। कई लोगों के बैंक अकाउंट नहीं हैं। ऐसे में इनकी और इनके परिवार की ज़िंदगी उसी नकद आमदनी पर टिकी होती है जिसे ये पूरे दिन काम करने के बाद घर लेकर जाते हैं।

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लॉकडाउन की वजह से देश को आर्थिक मोर्चे पर तगड़ी चोट लगी है । जिसका सबसे ज्यादा अधिक खामियाजा दिहाड़ी मजदूर, किसानों और उद्योगों को उठाना पड़ा है। पिछले कुछ दिनों में कई सेक्टर की ओर से अपील की गई थी कि आर्थिक गतिविधियों को छूट दी जाए, लेकिन सरकार पूरे स्तर पर लॉकडाउन खोलने को सही नहीं माना। बता दें कि देश में जब सबसे पहले लॉकडाउन का ऐलान किया गया था तब बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अपने घर की ओर जाने के लिए सड़कों पर निकल पड़े थे। क्योंकि लॉकडाउन की वजह से अधिकतर फैक्ट्रियां-कारोबार बंद हो गए थे, ऐसे में मजदूरों के सामने सबसे बड़ा संकट नौकरी-खाने और रहने का था।

इन बातों का ध्यान रखने की पीएम मोदी ने की अपील

आप अपने व्यवसाय, अपने उद्योग में अपने साथ काम करे लोगों के प्रति संवेदना रखें, किसी को नौकरी से न निकालें। जितना हो सके उतने गरीब परिवार की देखरेख करें, उनके भोजन की आवश्यकता पूरी करें। देश के कोरोना योद्धाओं, हमारे डॉक्टर, नर्सेस, सफाई कर्मी, पुलिसकर्मी का पूरा सम्मान करें। अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए, आयुष मंत्रालय द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें, गर्म पानी, काढ़ा, इनका निरंतर सेवन करें। अपने घर के बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें, विशेषकर ऐसे व्यक्ति जिन्हें पुरानी बीमारी हो, उनकी हमें Extra Care करनी है, उन्हें कोरोना से बहुत बचाकर रखना है।

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