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अल्पसंख्यकों के साथ पाकिस्तान में दुर्व्यवहार पर भारत ने उठाया सवाल

IMF Question Pakistan on Discrimination with Minorities
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Ground Report | News Desk

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के कार्यकारी बोर्ड ने रैपिड फाइनेंसिंग इंस्ट्रूमेंट (आरएफआई) के तहत पाकिस्तान की कोविड-19 से लड़ने के लिए खरीद जरूरतों को तत्काल पूरा करने के लिए करीब 1.4 अरब डॉलर की राशि स्वीकृत की गई है। कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप झेल रहे पाकिस्तान को स्वास्थ्य और राहत कार्य में मजबूती देने के लिए यह सहायता राशि मंजूर की गई है। इसका उद्देश्य महामारी और इसके आर्थिक प्रभाव को कम करना है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कोरोना संकट से निपटने के लिए मदद की गुहार लगाई थी। पाकिस्तान को आर्थिक मदद के लिए हुई बैठक में भारत ने पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे कोरोना वायरस की लड़ाई में खर्च को लेकर सवाल उठाया और चिंता व्यक्त की। भारत ने यह सवाल पाकिस्तान में कोरोना पर हो रहे अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव पर उठाया। 

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आईएमएफ के बोर्ड में भारत के कार्यकारी निदेशक सुरजीत एस भल्ला ने बैठक में जोर दिया कि पाकिस्तान के स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा का खर्च व्यापक और गैर-भेदभावपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बजटीय संसाधन पाकिस्तान के सभी क्षेत्रों में उपलब्ध कराए जाने चाहिए क्योंकि बलूचिस्तान और सिंध प्रांत में कोरोना वायरस के चलते स्थिति बहुत खराब है। भल्ला ने रिपोर्टों के द्वारा यह भी बताया कि कैसे पाकिस्तान में अल्पसंख्यक जैसे- हिंदू, सिख, ईसाई और अहमदिया समुदाय जोकि पाकिस्तान के समाज में सबसे कमजोर हैं, उनके साथ अधिकारियों द्वारा गलत व्यवहार किया जाता है।

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