Home » IIT-कानपुर के इंजीनियरों ने बनाई ऐसी टाइल्स जो बिना एसी कमरे को कर देगी ठण्डा…

IIT-कानपुर के इंजीनियरों ने बनाई ऐसी टाइल्स जो बिना एसी कमरे को कर देगी ठण्डा…

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Ground Report | Kanpur

  • कमरे में लगने के बाद कमरे को एसी जैसी ठण्डा रख सकता है।
  • ये टाइल्स कमरे को साउंड प्रूफ भी बनाएगी
  • कमरा 15 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा किया जा सकेगा

आईआईटी कानपुर के इंजीनियरो ने शोध करके एक ऐसा टाइल्स बनाया है कमरे में लगने के बाद कमरे को एसी जैसी ठण्डा रख सकता है। गर्मी में भी एसी सी ठंडक वाला कमरा तैयार करने के लिए आइआइटी के इंजीनियरों ने ऐसी टाइल्स बनाई है, जो कमरे को साउंड प्रूफ बनाएगी और बिना एसी के ही उसे ठंडा रखेगी। इस टाइल्स को लगाकर 40 डिग्री सेल्सियस के बाहरी तापमान में भी कमरा 15 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा किया जा सकेगा।

वे मंदिर जो बाबरी विध्वंस के बाद हुए दंगो की चपेट में आए और आज खंडहर में तब्दील हो गए

प्रो. करोल मंडल ने बताया कि टाइल्स से 20 लीटर क्षमता का बॉक्स बनाकर उसके चारों ओर खाली जगह में बालू भरकर टपक सिंचाई विधि से ठंडा रखा जाएगा। यह एक तरह की दोहरी दीवार होगी। भीतरी दीवार में पानी डालने पर वह बाहरी दीवार तक आ जाएगा। बाहर व अंदर की गर्मी से पानी वाष्पीकृत होता रहेगा और अंदर का हिस्सा ठंडा हो जाएगा। विशेष टाइल्स से बनी दीवारों के बीच किसान सब्जी की फसल को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकेंगे। टाइल्स के छोटे-छोटे बर्तन बनाकर सफल प्रयोग किया जा चुका है।

READ:  उत्तरप्रदेश के मेरठ में प्रेमी के शादी से इंकार करने पर प्रेमिका ने लगाया छेड़छाड़ का आरोप

कानपुर रेलवे स्टेशन पर कैसे रोज़ाना हज़ारो लीटर पानी हो रहा है बर्बाद

आइआइटी के रूरल टेक्नोलॉजी एक्शन ग्रुप (रूटेक) यह तकनीक ईजाद की है। घड़ा बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली मिट्टी में कुछ पदार्थ मिलाकर इसे विकसित किया है। मैटीरियल साइंस इंजीनियङ्क्षरग के प्रो. करोल मंडल, प्रो. संदीप संघल, डॉ. बिशाख भट्टाचार्य, शुभांकर खारा, जयेश जांब्रे व आसिम बोस की टीम ने यह टाइल्स बनाई है। यह सामान्य टाइल्स की अपेक्षा पांच गुना अधिक आवाज को एब्जार्व कर सकती है। अभी कमरे को साउंड प्रूफ बनाने के लिए ज्यादातर शीशे का इस्तेमाल होता है। इससे गर्मी के दिनों में कमरा बेहद गर्म व सर्दी में ठंडा हो जाता है।

कानपुर मेट्रो प्रोजेक्ट का काम शुरू, राज्य सरकार ने दिये 100 करोड़

READ:  UP clears Rohingya camp on its land after fire displaces refugees

प्रो. करोल मंडल ने बताया कि मिट्टी हर मौसम में तापमान को नियंत्रित रखती है। उसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। चूंकि अभी पेटेंट फाइनल नहीं हुआ है, इसलिए इसकी विधि नहीं बता सकते। इसके औद्योगिक उत्पादन के लिए कंपनियों से बातचीत चल रही है, अगले साल यह टाइल्स बाजार में आने की संभावना है। अभी इसकी कीमत तय नहीं है लेकिन यह निश्चित है कि इसे ग्रामीण भी बेहद आसानी से खरीद सकेंगे।