IIT-कानपुर की तकनीक से चलेगी मुंबई-अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन

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Nehal Rizvi | Ground Report

भारत सरकार की सबसे महत्वकांक्षी योजना बुलेट ट्रेन को पटरी पर दौड़ाने में के आईआईटी कानपुर कर रहा है मदद. आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिक प्रो. भारत लोहानी की तकनीक बुलेट ट्रेन के संचालन में बहुत मददगार साबित होगी. लिडार नाम की यह तकनीक बाढ़ रोकने, जंगलों की स्थिति पता करने, हाईवे प्रोजेक्ट के लिए सर्वे करने सहित अन्य कई बड़े कामों के लिए उपयोगी साबित होगी. वैज्ञानिक प्रो. भारत लोहानी इस पर बहुत तेज़ी से काम कर रहे हैं.

लिडार तकनीक का होगा इस्तेमाल

प्रो. लोहानी ने हाल ही में अपनी पूरी टीम के साथ बुलेट ट्रेन के लिए अहमदाबाद-मुंबई के बीच 580 किलोमीटर की दूरी के सर्वे का काम लिडार के माध्यम से पूरा कर लिया है अब बुलेट ट्रेन के लिए हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन ने खाका तैयार करना शुरू कर दिया है. आईआईटी कानपुर के अन्य प्रोफेसर भी इस परियोजना में प्रो. लोहानी की मदद कर रहे हैं.

बाढ़ को रोकने में भी यह तकनाक कारगर साबित होगी

आईआईटी में 2009 में जियोनो नाम से स्टार्टअप कंपनी इंक्यूबेट की थी. तबसे इस तकनीक पर काम हो रहा था. अब गोरखपुर में बाढ़ के प्रभाव को रोकने के लिए काम करेंगे. लिडार से सर्वे कर पता किया जाएगा कि घाघरा, आमी, राप्ती, कुआनो जैसी नदियों में कितना पानी बढ़ने पर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी और उसका किन-किन क्षेत्र में प्रभाव पड़ेगा.

प्रो. भारत ने बताया कि हेलिकॉप्टर के नीचे लिडार को सेट कर दिया जाता है और फिर जहां-जहां से गुजरेंगे, वहां नीचे की हर स्थिति मसलन नदी, खेत, जंगल सबकी रिपोर्ट फुटेज के माध्यम से कंप्यूटर में आ जाती है. इसे देखकर आसानी से किसी भी प्रोजेक्ट को पूरा किया जा सकता है.

लिडार तकनीक की मदद से महज़ 18 दिन में पूरा होगा 2 साल का काम

प्रो. लोहानी के मुताबिक अभी तक देश में मैनुअली सर्वे होता था. मसलन 580 किमी. के भौगोलिक सर्वे में कम से कम दो से तीन साल लग जाते. लेकिन यही काम लिडार के माध्यम से 17 से 18 दिनों में पूरा हो गया. यह पहले के नक्शे की तुलना में ज्यादा विश्वसनीय भी है. प्रो. लोहानी कहते हैं कि हम भविष्य में इस तकनीक का इस्तेमाल करके कम समय में अधिक तेज़ी से काम कर सकते हैं. बुलेट ट्रेन के संचालन में समय की भी बचत कर पाने कामयाब हो पाएंगे. साथ ही साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों को इसकी मदद से बचाने में कामयाब हो सकेंगे.

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