Home » HOME » IIMC Fee Hike : ‘उठाओ आवाज़, वरना रात भारी है, आज उसकी, कल तुम्हारी बारी है’

IIMC Fee Hike : ‘उठाओ आवाज़, वरना रात भारी है, आज उसकी, कल तुम्हारी बारी है’

Sharing is Important

Ground Report News Desk | New Delhi

देश दुनिया में ‘पत्रकारिता का मक्का’ कहा जाने वाला नई दिल्ली स्थित देश का प्रीमियर मीडिया संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान इन दिनों चर्चा में है। चर्चा भी इसलिए कि वहां के छात्र फीस में हुई भारी बढ़ोत्तरी को कम करने की मांग कर रहे हैं। पहले अपने और प्रशासनिक स्तर पर फीस में हुई वृद्धि को कम करने की मांग की, लेकिन जब इन सबसे बात नहीं बनी तो छात्र अनशन पर बैठ गए हैं।

वहीं जेएनयू के छात्र पहले ही अपने विश्वविद्यालय में बढ़ाई गई फीस के खिलाफ आंदोलित हैं। जेएनयू में फीस बढ़ोत्तरी के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन से कहीं न कहीं अन्य संस्थानों के छात्रों को भी अपने-अपने संस्थानों में सरकार द्वारा बढ़ाई जा रही मनमानी फीस के खिलाफ आवाज़ उठाने की हिम्मत मिली है।

शायद यही कारण है कि IIMC के छात्र भी अब जरूरत से ज्यादा बढ़ाई गई फीस के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। दिल्ली की सर्द रात में इस तरह अनशन पर बैठे छात्रों की ये तस्वीर देश के अन्य संस्थानों के छात्रों के लिए किसी मिसाल से कम नहीं है।

नई दिल्ली स्थित IIMC कैंपस में फीस बढोत्तरी के विरोध में प्रदर्शन करते छात्र। (तस्वीर साभार – Hrishikesh Sharma की फेसबुक वॉल से)

इस तस्वीर पर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एव संचार विश्विद्यालय के शिक्षक और कवि अरुण खोबरे (अरुण अज्ञानी) की ये चंद लाइने बिल्कुल सटीक बैठती है… ‘उठाओ आवाज़, वरना रात भारी है, आज उसकी, कल तुम्हारी बारी है।’

READ:  Govt dismisses Pentagon Report on Chinese Construction in Arunachal

बता दें कि IIMC सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त सोसायटी है। देश के सर्वश्रेष्ठ मीडिया संस्थान में गिने जाने वाले IIMC की स्थापना साल 1965 में की गई थी। सरकारी संस्थान “नो प्रॉफिट नो लॉस” आधार पर चलने वाले हैं, जबकि भारतीय जनसंचार संस्थान में हर साल फीस बढ़ोत्तरी हो रही है। बीते तीन वर्षों में यहां फीस में करीब 50 फीसदी तक बढ़ोत्तरी हुई है।

IIMC में अंग्रेज़ी जर्नलिज़्म की स्टूडेंट आस्था सव्यसाची कहती हैं कि, दस महीने के कोर्स के लिए 1,68,500 से ज्यादा फीस। इसके बाद हॉस्टल और मेस चार्ज अलग से देना पड़ता है। किसी भी मध्यम वर्गीय छात्र के लिए यह फीस दे पाना बहुत मुश्किल है। संस्थान में ऐसे कई छात्र हैं, जिन्हें पहले सेमेस्टर के बाद पाठ्यक्रम छोड़ना होगा।

नई दिल्ली स्थित IIMC कैंपस में फीस बढोत्तरी के विरोध में प्रदर्शन करते छात्र। (तस्वीर साभार – Hrishikesh Sharma की फेसबुक वॉल से)

वहीं रेडियो और टीवी पत्रकारिता विभाग के छात्र हृषिकेश कहते हैं कि, पिछले एक सप्ताह से हम संस्थान के साथ बातचीत कर फीस बढ़ोत्तरी सहित अन्य समास्यों के निराकरण की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बीते एक सप्ताह में संस्थान की ओर से मिला है तो सिर्फ आश्वासन। हमने बातचीत के द्वारा इन मुद्दों को हल करने की पूरी कोशिश की, लेकिन प्रशासन के ढुलमुल रवैये के कारण हमारे पास विरोध प्रदर्शन ही केवल एकमात्र विकल्प बचा है।

इस तालिका से समझे कि बीते तीन वर्षों में किस गति से फीस में बढ़ोत्तरी हुई है –

कोर्सवर्ष 2015-16वर्ष 2019-20
हिन्दी पत्रकारिता62,000/-95,500/-
अंग्रेजी पत्रकारिता62,000/-95,500/-
रेडियो एवं टेलिविज़न1,15,000/-1,68,500/-
उर्दू पत्रकारिता 55,500
विज्ञापन एवं जनसंपर्क72,000/-1,31,500

बात यहीं खत्म नहीं होती, ट्यूशन फीस के अलावा हॉस्टल और मेस फीस में भी पिछले कुछ वर्षों में बदलाव देखने को मिला है। साल 2015-16 में जहां लड़कों के लिए हॉस्टल और मेस का शुल्क 4,000 रुपये था वहीं अब ये बढ़कर साल 2019 में बढ़कर 5250/- रुपये हो गया है। वहीं लड़कियों के लिए हॉस्टल और मेस का शुल्क 6500 रु. है जबकि यह साल 2015-16 में यह फीस करीब 5,000 रुपये थी।

‘सस्ती शिक्षा देश के प्रत्येक छात्र का अधिकार है और अगर वे अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा को पास करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं तो उनकी उम्मीदों को ध्यान में रखना होगा। हम मीडिया संस्थानों को केवल उन लोगों के लिए सुलभ होने की अनुमति नहीं दे सकते हैं जो लाखों का भुगतान कर सकते हैं। शिक्षा, एक अधिकार है और विशेषाधिकार नहीं है।’