Home » IIMC Fee Hike : प्रशासन की वादा खिलाफी से नाराज़ छात्र एक बार फिर भूख हड़ताल पर

IIMC Fee Hike : प्रशासन की वादा खिलाफी से नाराज़ छात्र एक बार फिर भूख हड़ताल पर

IIMC Fee Hike : Indian Institute of Mass Communication students on hunger strike in new delhi campus
Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Ground Report New Desk | IIMC, New Delhi

नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (Indian Institute of Mass Comuunication, New Delhi) के छात्र फीस में हुई भारी बढ़ोत्तरी के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। इससे पहले छात्रों ने आईआईएमसी प्रशासन को चेताया था कि अगर तय समय सीम में फीस में कमी नहीं की जाती है तो वे कैंपस में आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। इससे पहले छात्रों ने फीस जमा करने के लिए जारी नए सर्कुलर को फिर से स्थगित करने की भी मांग रखी थी, लेकिन प्रशासन ने उसे नहीं माना, जिसके बाद छात्रों ने भूख हड़ताल का फैसला लिया है।

बता दें कि, 12 फरवरी को शुल्क जमा करने के लिए नया सर्कुलर जारी किया गया था। छात्र प्रशासन के इस रवैये से नाराज हैं और फीस वृद्धि वापस लेने की अपनी मांग को बार फिर दोहराते हुए भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। भूख हड़ताल कर रहे मीडिया के इन छात्रों की प्रमुख मांग है कि 12 फरवरी को जारी फीस जमा करने के सर्कुलर को रद्द किया जाए साथ ही बीते दिनों निलंबित किए गए छात्रों का निलंबन वापस लिया जाए।

READ:  Nasal Aspergillosis: ब्लैक फंगस के बाद नेसल एस्परगिलोसिस का खतरा, गुजरात में मिले 8 नए केस

इस मामले में आईआईएमसी के छात्र हामिद का कहना है कि प्रशासन ने हमारी मांग और कार्यकारिणी समिति के निर्देश को नहीं मानकर हमें धोखा दिया है। हमने  दिसंबर 2019 में फीस सर्कुलर को रुकवाकर अपनी आधी लड़ाई जीत ली थी। आईआईएमसी प्रशासन कार्यकारिणी समिति की तत्काल मीटिंग बुलाने पर मजबूर हुआ। छात्र पुराने फीस स्ट्रक्चर को वहनीय बनाने की उम्मीद लगाए रहे।

छात्रों की ओर से जारी एक प्रेस रिलीज़ में कहा गया है कि, ‘चूंकि फीस के ढांचे में कोई संशोधन या समीक्षा नहीं की गई है, इसलिए शुल्क जमा करने के लिए जारी किया गया नया सर्कुलर छात्रों के साथ विश्वासघात के रूप में देखा जा रहा है। इसके साथ ही प्रशासन द्वारा लगातार छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास हुए हैं। अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने के कारणों पर स्पष्टीकरण दिए बिना नौ छात्रों के निलंबन को चार दिन के लिए बढ़ा दिया गया।’