लव जेहाद पर कानून की मांग

इन राज्यों में लव जेहाद पर बनेगा कानून, महाराष्ट्र ने कहा हमें ऐसी स्कीम लाने की नहीं ज़रुरत

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

देश के बीजेपी शासित राज्यों में लव जेहाद पर कानून लाने की तैयारी चल रही है। यूपी, हरियाणा, मध्य प्रदेश इन राज्यों में से एक हैं साथ ही बिहार में भी लव जेहाद पर कानून बनाने की मांग उठ रही है। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री असलम शेख ने कहा कि ये सारी बातें वहीं आएंगी जहां सरकारों की काम करने की कार्यशैली में कमी आई है। महाराष्ट्र सरकार अच्छे से काम कर रही है इसलिए हमें इस तरह की स्कीमें लाने की जरूरत नहीं है। 

किन राज्यों में लव जेहाद पर बन रहा है कानून?

  • लव जिहाद कहे जाने वाले मामले को ही उत्तर प्रदेश में गैर कानूनी धर्मांतरण माना जाएगा और ऐसे मामले में दोषी पाए जाने पर 5 से 10 साल की सजा का प्रावधान किया जा सकता है।
  • मध्य प्रदेश सरकार ने अपने प्रस्तावित बिल में पांच साल की सजा का प्रावधान किया है। देश के अन्य राज्य भी इस तरह का कानून बनाने की तैयारी है।
  • बिहार में लव जिहाद के खिलाफ कानून लागू करने का केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को समर्थन किया और दावा किया कि यह विषय देश के राज्यों में परेशानी का सबब बन गया है।
  • भाजपा नेता ने नीतीश कुमार सरकार से अनुरोध किया कि वह यह समझे कि लव जिहाद और जनसंख्या नियंत्रण जैसे मुद्दों का सांप्रदायिकता से कोई सरोकार नहीं है बल्कि ये तो सामाजिक समरसता के विषय हैं।
  • हरियाणा में इसपर कानून बनाने की तैयारी चल रही है।
  • राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत ने ‘लव जिहाद’ को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा था और कहा था कि यह शब्द उसने देश को बांटने व सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने के लिए गढ़ा है। गहलोत ने इस बारे में ट्वीट में लिखा कि लव जिहाद शब्द भाजपा ने देश को बांटने व सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने के लिए गढ़ा है। शादी-विवाह व्यक्तिगत आजादी का मामला है जिसपर लगाम लगाने के लिए कानून बनाना पूरी तरह से असंवैधानिक है और यह किसी भी अदालत में टिक नहीं पाएगा। प्रेम में जिहाद का कोई स्थान नहीं है।
READ:  IAS Tina Dabi Divorce: टीना डाबी Love Jihad का शिकार हुईं, हिन्दू महासभा ने कही ये बात

ALSO READ: IAS Tina Dabi Divorce: जब टीना डाबी और आमिर अतहर की शादी को हिन्दू महासभा ने बताया था ‘लव-जिहाद’

क्या है लव जेहाद?

आम बोलचाल में लव जिहाद कहे जाने वाले मामलों में बहला-फुसलाकर, झूठ बोलकर या जबरन धर्मांतरण कराते हुए अंतर धार्मिक विवाह किए जाने की घटनाओं को शामिल किया जाता है। प्रस्तावित कानून सभी धर्मों के लोगों पर समान रूप से लागू होगा। 

आसान भाषा और कम शब्दों में आप इसे यूं समझ सकते हैं। लव जिहाद दो शब्दों से मिलकर बना है। अंग्रेजी भाषा का शब्द लव यानी प्यार, मोहब्बत, इश्क और अरबी भाषा का शब्द जिहाद। जिसका मतलब होता है किसी मकसद को पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देना।

READ:  Love Jihad: लव जिहाद पर योगी सरकार का अध्यादेश, जानिए कुछ मुख्य बातें

यानी जब एक धर्म विशेष को मानने वाले दूसरे धर्म की लड़कियों को अपने प्यार के जाल में फंसाकर उस लड़की का धर्म परिवर्तन करवा देते हैं तो इस पूरी प्रक्रिया को लव जिहाद कहा जाता है। लव जिहाद की ये परिभाषा हमारे देश की मीडिया और कुछ कट्टर हिंदू संगठन ने मिलकर तय की है।

अबतक लव जिहाद जैसे शब्द को कानूनी मान्यता प्राप्त नहीं थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मान लिया है कि लव जिहाद होता है और मुस्लिम युवक हिंदू लड़कियों को अपने प्यार के जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन करवाकर लव जिहाद करते हैं। इसकी शुरुआत तब हुई जब केरल हाईकोर्ट ने 25 मई को हिंदू महिला अखिला अशोकन की शादी को रद्द कर दिया था। अखिला अशोकन ने दिसंबर 2016 में मुस्लिम शख्स शफीन से निकाह किया था।

क्या हैं कानूनी प्रावधान ?

हालांकि ‘लव जिहाद’ शब्द की कोई क़ानूनी हैसियत नहीं है। इसे ना ही अबतक किसी क़ानून के तहत परिभाषित किया गया है और न ही केंद्र या राज्य की किसी एजेंसी ने किसी क़ानूनी धारा के तहत इम मामले में कोई केस दर्ज किया है। यहां तक की गृह मंत्रालय भी कहता है कि जबरन अंतरजातीय विवाह को ‘लव-जिहाद’ कहा जा रहा है।

READ:  कैसे इस्लाम न कबूलना बन गया वाजिद और कमलरुख के रिश्ते में दरार?

लव जिहाद के ज़्यादातर केसों में यौन शोषण संबंधी कानूनों के तहत मुकदमे चलते रहे हैं। आरोपी को पेडोफाइल मानकर पॉक्सो और बाल विवाह संबंधी कानूनों के तहत भी केस चलते रहे हैं। इसके अलावा, बलपूर्वक शादियों के मामले में कोर्ट आईपीसी के सेक्शन 366 के तहत सज़ा दे सकते हैं। महिला की सहमति के बगैर यौन संबंध बनाने का आरोप साबित होने पर 10 साल तक की कैद की सज़ा हो सकती है।

ऐसे मामलों में कानूनी पेंच यहां फंसता रहा है कि मुस्लिम शादियां शरीयत कानून और हिंदू शादियां हिंदू मैरिज एक्ट के तहत कानूनन होती हैं। चूंकि मुस्लिम शादियों में सहमति दोतरफा अनिवार्य है इसलिए इन शादियों में अगर यह साबित हो जाता है कि सहमति से ही शादी हुई थी, तो कई मामले सिरे से खारिज होने की नौबत तक आ जाती है।

You can connect with Ground Report on FacebookTwitter and Whatsapp, and mail us at GReport2018@gmail.com to send us your suggestions and writeups