Home » वे राज्य जहां कांग्रेस के ‘मुंह से निवाला छीन’ बीजेपी ने बनाई अपनी सरकार

वे राज्य जहां कांग्रेस के ‘मुंह से निवाला छीन’ बीजेपी ने बनाई अपनी सरकार

Lok Sabha Election 2019, Election Results 2019, Odisha, congress, BJP, PM Podi, Rahul Gandhi
Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

पुडुचेरी में मुख्यमंत्री नारायणसामी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिर गई। सोमवार को हुए फ्लोर टेस्ट में सीएम नारायणसामी विधानसभा में बहुमत साबित नहीं कर पाए। विधानसभा स्पीकर ने ऐलान करते हुए कहा कि नारायणसामी की सरकार ने बहुमत खो दिया है। विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान मुख्यमंत्री नारायण सामी ने अपने समर्थक विधायकों के साथ विधानसभा से वॉकआउट किया। इसके बाद उपराज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन को इस्तीफा सौंपा। इससे पहले नारायणसामी ने पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी और केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों ने मिलकर सरकार गिराने की कोशिश की।

बहरहाल, वर्ष 2014 में केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद देश में ऐसे कई मौके आए जब विभिन्न राज्यों में कांग्रेस कहीं ‘सत्ता का स्वाद’ चखने से चूक गई तो कहीं ऐसा हुआ मानों कांग्रेस के पास रखी ‘खाने से भरी थाली’ बीजेपी छीन ली हो। ऐसे ही पांच मामले हम आपको इस स्टोरी बता में रहे हैं।

मणिपुर में गिरी बीजेपी सरकार, कई विधायक कांग्रेस में शामिल

1) 2020 मध्य प्रदेश में गिरी कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार
वर्ष 2020, मध्य प्रदेश की राजनीति में तब खलबली मच गई जब अचानक दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया। ये वही सिंधिया थे जिन्होंने लंबे वक्त तक कांग्रेस को सींचा और वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथा, कांग्रेस दिग्गज नेता राहुल गांधी के साथ बीजेपी के खिलाफ जमकर कैंपेन किया। 230 विधानसभा सीटों वाले मध्य प्रदेश में ये पहला मौका था जब 2003 के बाद कांग्रेस ने एक बार फिर ‘सत्ता का स्वाद’ चखा लेकिन महज डेढ़ साल बाद ही सरकार गिर गई और राज्य के इतिहास में पहली बार अधिकतम 28 सीटों पर उपचुनाव हुए। इन उपचुनावों में कांग्रेस बुरी तरह हारी। 19 पर बीजेपी और 9 सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की। एक बार फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में बीजेपी ने सरकार बनाई।

Madhya Pradesh By Election Results 2020: BJP and Congress winning candidate full list Madhya Pradesh by-election 2020 Khandwa Mandhata seat result BJP candidate Narayan Patel WON Congress Uttam Patel defeated Shivraj government accepted KamalNath's 27 lakh Farmers loan waived of Madhya Pradesh Kamalnath Goverment in Crisis
ये तस्वीर तब की है जब मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार थी।

2) 2017, गोवा की राजनीति में मची उथल-पुथल
वर्ष 2017, 40 विधानसभा सीटों वाले राज्य गोवा में चुनाव तो हुए लेकिन कोई भी दल बहुमत का आंकड़ा नहीं छू पाया। यहां निश्चित ही गठबंधन की सरकार बननी थी। बनीं भी। लेकिन, बीजेपी सरकार बना ले जाएगी ये किसी ने नहीं सोचा था। क्योंकि इन चुनावों में कांग्रेस भले ही बहुमत हासिल न कर पाई थी लेकिन वो सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। ऐसे में ये तय माना जा रहा था कि कांग्रेस जल्द ही अन्य सहयोगियों के साथ सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। लेकिन बीजेपी भले ही दूसरे नंबर की पार्टी रही लेकिन सरकार बनाने में बाजी मार ले गई।

READ:  Former Punjab CM Captain Amarinder Singh left Congress party: अमरिंदर सिंह ने छोड़ी कांग्रेस पार्टी, कही ये बड़ी बात
एक प्रोग्राम के दौरान गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और अन्य विधायक बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नेड्डा के साथ। फाइल फोटो।

‘शिवराज एक जेब में 50 करोड़ का तो दूसरी जेब में 50 हजार करोड़ का नारियल रखते हैं, जहां मौका मिलता है फोड़ देते हैं’

यहां हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खाते में 17 तो बीजेपी के खाते में 13 सीटें आईं। इस दौरान उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मणिपुर में मिली जीत की खुशी में तत्कालीन बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने घोषणा करते हुए कह दिया कि हम गोवा में भी सरकार बना रहे हैं। इसके बाद मानों राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई। रातों-रात गोवा के निर्दलिया विधायकों और अन्य दलों से संपर्क साधा गया। बीजेपी ने बहुमत पेश कर सरकार बना डाली। ये कांग्रेस के लिए ठीक वैसा ही था जैसे ‘हाथ तो आया लेकिन मुंह न लगा’।

3) 2019, कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस ने खोया विश्वासमत, बीजेपी ने बनाई सरकार
जुलाई 2019, कर्नाटक के राजनैतिक इतिहास में जुलाई 2019 के 15 दिन बेहद अहम हैं। इन 15 दिनों में यहां हाई वोल्टेज पॉलिटिकल ड्रामा चला। मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए मची खींचतान में अंतत: बीजेपी बाजी मार ले गई और कांग्रेस-जेडीएस के नेतृत्व वाली एच डी कुमारस्वामी की सरकार 14 महीने बाद ‘धड़ाम’ हो गई। मुख्यमंत्री और जेडीएस नेता एच डी कुमारस्वामी विश्वासमत हासिल नहीं कर सके। विश्वासमत के प्रस्ताव के पक्ष में 99 मत ही हुए जबकी इसके खिलाफ 105 मत हुए। ठीक 14 महीने बाद एक बार फिर बीएस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके नेतृत्व में बीजेपी ने एक बार फिर कर्नाटक ने सरकार बनाई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करते हुए कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी।

घर पर ही संभव है कोरोना का इलाज, पर बरतें जरूरी सावधानियां

4) 2018, जम्मू-कश्मीर में महबूबा सरकार गिरी
वर्ष 2018 में देश की राजनीति में एक वक्त ऐसा भी आया जब बीजेपी और पीडीपी के गठबंधन में बनी मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की सरकार अचानक गिर गई। बीजेपी ने खुद पीडीपी से दामन छुड़ा लिया। काफी दांव पेंच के बाद पीडीपी ने कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने का दावा करने वाला पत्र राज्यपाल को भेजा लेकिन मानो जैसे बीजेपी की ही तरह फैक्स मशीन भी महबूबा मुफ्ती को धोखा दे गई हो। फैक्स से भैजा गया सरकार बनाने वापा पत्र राज्यपाल को नहीं मिला और महबूबा सरकार बनाने से चूक गईं। बता दें कि 87 विधानसभा सीटों वाले जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2014 में हुए विधानसभा चुनाव पीडीपी ने 28, बीजेपी ने 25 जबकि कांग्रेस ने 12 और नेशनल कांफ्रेस ने 15 सीटों पर जीत दर्ज की थी। जबकि अन्य सीटों पर निर्दलीय जीतने में सफल रहे थे।

READ:  Siddhu left congress : 'दलित मुख्यमंत्री बर्दाश्त नहीं हो रहा था इसलिए नवजोत सिंह सिद्धू ने दिया इस्तीफा'
Rajnath singh
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जम्मू-कश्मीर की तत्कालीन मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती।

5) 2016, कांग्रेस के हाथ से निकली अरुणाचल प्रदेश की सत्ता
सितंबर 2017, अरुणाचल प्रदेश की राजनीति में तब हलचल तेज हो गई जब अचानक कांग्रेस की सरकार गिर गई। इस दौरान मुख्यमंत्री पेमा खांडू समेत कांग्रेस के 44 में से 43 विधायक बीजेपी समर्थित फ्रंट पीपल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल प्रदेश में शामिल हो गए। यहां महज दो महीने पहले ही कांग्रेस ने पेमा खांडू के नेतृत्व सरकार बनाई थी लेकिन बीजेपी ने ऐसा दाव लगाया कि कांग्रेस सरकार एक झटके में गिर गई।

मुसलमानों का वो महान लीडर, जिसे नमाज़ पढ़ते वक़्त ज़हर में डूबी हुई तलवार से किया गया क़त्ल

Ground Report के साथ फेसबुकट्विटर और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़ सकते हैं और अपनी राय हमें Greport2018@Gmail.Com पर मेल कर सकते हैं।