समलैंगिकता अब अपराध नहीं, सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

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न्यूज़ डेस्क।। सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए भारत में समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से हटा दिया है। सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की संविधान पीठ ने एकमत से यह फैसला सुनाया जिसमे कहा गया कि धारा 377 अतार्किक और मनमानी है। LGBT समुदाय को अन्य लोगों की तरह समान अधिकार हैं। अपनी मर्ज़ी से दो वयस्क के बीच संबंध अपराध नहीं है। समलैंगिकता कोई मानसिक विकार नहीं है। यौन प्राथमिकता जैविक और प्राकृतिक है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि कोई समलैंगिकों को कलंक न माने।

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से इस कानून को लागू करवाने को कहा है। भारतीय समाज इस कानून को किस तरह स्वीकार करेगा यह चुनौती होगी। लेकिन अब समलैंगिक समुदाय को डर-डर कर नहीं जीना पड़ेगा। उनके लिए 1947 के बाद यह दूसरी आज़ादी का दिन है।