Hike Fellowship : रिसर्च स्कॉलर्स की फेलोशिप बढ़ाएंगे, लेकिन तारीख नहीं बताएंगे

Hike Fellowship Research Scholars MHRD DST India Principal Scientific Adviser to the Government of India Prof. K. VijayRaghavan on ground report
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कोमल बड़ोदेकर | नई दिल्ली

देश भर के रिसर्च स्कॉलर्स 3000 करोड़ रुपये की लागत से देश के लोहपुरुष और पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति बनाने वाली मोदी सरकार से पिछले 6 महीने से भी ज्यादा समय से फेलोशिप में 80 फीसदी की वृद्धि की मांग कर रहे हैं। देश भर के करीब 1 लाख 5 हजार से ज्यादा रिसर्च स्कॉलर्स पिछले चार वर्षों से समान फेलोशिप में शोध कार्य करने को मजबूर हैं, जबकी पिछले चार वर्षों में महंगाई का स्तर कई गुना बढ़ा है।

केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर कई मौकों पर फेलोशिप को बढ़ाने की बात कर चुके हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जय अनुंसधान का नारा भी बुलंद कर चुके हैं। कई अन्य मंत्री और अधिकारी भी फेलोशिप बढ़ाने की बात कह रहे हैं लेकिन कोई भी यह नहीं बता रहा है कि फेलोशिप कब और कितनी बढ़गी।

इस मामले में ग्राउंड रिपोर्ट ने मानव संसाधन और विकास मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाले डिपार्टमेंट और साइंस और टेक्नॉलोजी के प्रमुख और प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर प्रोफेसर के. विजय राघवन से कई बार संपर्क करने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने फोन पर कहा कि, आप जो भी सवाल पूछना चाहते हैं मैसेज करें। उन्हें सवाल मैसेज किए गए लेकिन कोई जवाब नहीं आया।

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इसके बाद उन्हें कई बार फोन किया। अंतत: उन्होंने जवाब दिया कि हम इसे जल्द ही बढ़ाने ही वाले हैं। मामला पाइप लाइन फंसा हैं। हम योजना बना रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी जब प्रोफेसर विजयन की ओर से जब कोई ठोस जवाब नहीं मिला तो हमने उन्हें दोबारा फोन किया। फोन कट हो गया।

कुछ देर में उनके दफ्तर से कॉल बैक हुआ। हमने फिर पूछा कि सर कब तक फेलोशिप बढ़ाई जाएगी कोई तारिख ही बता दीजिए लेकिन उन्होंने फिर कहा कि जल्द ही बढ़ जाएगी लेकिन ऐसे तारिख नहीं बता सकते। कितनी बढ़ेगी इस सवाल का भी कोई जवाब नहीं मिला। बात बस इतनी सी है कि, पीएम मोदी, केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, UGC, DST इंडिया, तमाम आला अधिकारी सब के सब फेलोशिप बढ़ा रहे हैं लेकिन तारीख कोई नहीं बता रहा है।

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बता दें कि पिछले 6 महीनों से भी ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद भी रिसर्च स्कॉलर्स को सरकार की ओर से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं। कई डेडलाइन बीत जाने के बाद भी जब बात नहीं बनी तो अपने-अपने शोध कार्य छोड़ बीती 16 जनवरी को नई दिल्ली स्थित MHRD के सामने देश भर के रिसर्च स्कॉलर्स आंदोलन करने पहुंचे थे, जहां बाद में पुलिस ने इन्हें जेल में डाल दिया था।

16 जनवरी से ही देश भर के रिसर्च स्कॉलर्स राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर हैं। आज हड़ताल का 6वां दिन है। कई संस्थानों में 6वें दिन भी शोधार्थियों को विरोध प्रदर्शन जारी है। कई जगह कैंडल मार्च और पैदल मार्च निकाला गया। IIT दिल्ली में भी छात्रों ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर काम किया और सरकार के खिलाफ विरोध जाहिर किया।

रिसर्च फेलो की प्रमुख मांग-
1) जेआरएफ, एसआरएफ, पीएचडी कर रहे लोगों की फेलोशिप की रकम 20 फीसदी प्रतिवर्ष के हिसाब से 80 फीसदी बढ़ाई जाए। क्योंकि यह हर चार वर्ष में एक बार बढ़ती है।

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2) फेलोशिप के तहत मिलने वाली यह रकम हर महीने समय पर आए, क्योंकि अब तक यह रकम कभी तीन महीने, छह महीने या कभी 8 महीने गुजर जाने के बाद मिलती है।

3) सरकार वेतन आयोग के तहत ऐसी गाइडलाइन बनाए जिससे यह तय हो कि फेलोशिप के तहत करने वाले रिसर्चर्स को हर महीने समय पर फेलोशिप की रकम मिले।