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Hike Fellowship : रिसर्च स्कॉलर्स की हड़ताल का दूसरा दिन, IIT दिल्ली में 400 शोधार्थियों का प्रदर्शन

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नई दिल्ली, 17 जनवरी। फेलोशिप में वृद्धि की मांग कर रहे देश भर के रिसर्च स्कॉलर्स 16 जनवरी से राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर हैं। आज रिसर्च स्कॉलर्स की अनिश्चितकालीन हड़ताल का दूसरा दिन है। इसी कड़ी में नई दिल्ली स्थित देश के प्रीमियर तकनीकि संस्थान IIT नई दिल्ली में करीब 400 से ज्यादा शोधार्थियों ने विरोध प्रदर्शन कर इस हड़ताल को समर्थन दिया।

इस मामले में IIT दिल्ली से PhD कर रहे रिसर्च स्कॉलर और फेलोशिप आंदोलन के राष्ट्रीय प्रतिनिधि विक्की नंदल ने बताया कि, हम लोग 16 जनवरी से अनिश्चितकाली हड़ताल पर हैं। यह हमारे लिए किसी काले दिवस से कम नहीं है कि देश के ‘बेस्ट माइंड’ की आर्थिक मदद करने की जगह उन्हें पुलिस जेल में बंद कर रही है।

फेलोशिप में वृद्धि नहीं होने से नाराज इन IITians ने अपने संस्थान के कैंपस में ही सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज करवाया। वहीं IIT के अन्य कैंपस जैसे मद्रास, रुढ़की, मंडी सहित अन्य कैंपसों में भी इसी तरह का विरोध मार्च निकाला गया।

विक्की नंदल ने बताया कि अब हमारा ये विरोध प्रदर्शन तब तक चलेगा जब तक सरकार फेलोशिप नहीं बढ़ा देती। हम लोग हर रोज इसी तरह कैंपस में विरोध मार्च निकालेंगे। वहीं नई दिल्ली स्थित AIIMS, IISER, DU, JNU सहित अन्य विश्वविद्यालयों और संस्थानों के NET, JRF, SRF, PhD रिसर्च स्कॉलर्स सहित अन्य शोधार्थी अनिश्चितकाली हड़ताल पर हैं।

IIT Roorkee स्थित कैंपस में विरोध प्रदेश करते शोधार्थी।

वहीं IIT रुढ़की के नीलाद्री दास और देबाशीश मंडल ने बताया कि IIT रुढ़की भी इस देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में हैं। रुढ़की स्थित IIT कैंपस के प्रशासनिक भवन के पास करीब 100 शोधार्थियों ने फेलोशिप में वृद्धि की मांग को तेज करते हुए अपनी आवाज बुलंद की और कहा कि हम फेलोशिप बढ़ने तक इस तरह हर दिन आंदोलन करते रहेंगे।

इस मामले में AIIMS नई दिल्ली के रिसर्च स्कॉलर ऑल इंडिया रिसर्च स्कॉलर सोसाइटी के चेयरमेन लाल चंद ने बताया कि हम सभी शोधार्थियों की आम सहमति से यह निर्णय लिया गया है कि हम सभी अपने-अपने संस्थानों में हर दिन कुछ देर के लिए सरकार के खिलाफ विरोध मार्च निकालेंगे। यह आंदोलन अनिश्चितकालीन है।

रिसर्च फेलो की प्रमुख मांग-
1) जेआरएफ, एसआरएफ, पीएचडी कर रहे लोगों की फेलोशिप की रकम 20 फीसदी प्रतिवर्ष के हिसाब से 80 फीसदी बढ़ाई जाए। क्योंकि यह हर चार वर्ष में एक बार बढ़ती है।

2) फेलोशिप के तहत मिलने वाली यह रकम हर महीने समय पर आए, क्योंकि अब तक यह रकम कभी तीन महीने, छह महीने या कभी 8 महीने गुजर जाने के बाद मिलती है।

3) सरकार वेतन आयोग के तहत ऐसी गाइडलाइन बनाए जिससे यह तय हो कि फेलोशिप के तहत करने वाले रिसर्चर्स को हर महीने समय पर फेलोशिप की रकम मिले।