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कोरोना को हराने के लिए सही जानकारी दें राज्य : डॉ. हर्ष वर्धन

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Ground Report | News Desk

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड को लेकर राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों व केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों व स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करी। उनके साथ स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे जी भी उपस्थित थे।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि देश भर में 400 जिले ऐसे हैं जहां कोरोना का एक भी केस नहीं है। 17 राज्यों में 75 जिले ऐसे हैं जहां 80 प्रतिशत केस हैं। 12 राज्य ऐसे हैं जहां जनसंख्या घनत्व ज्यादा है। कोरोना के मामलों के आधार पर क्षेत्रों को दो वर्गों में बांटा गया है। एक जहां 15 से कम मामले हैं और दूसरा वे जहां 15 से ज्यादा मामले हैं। दोनों वर्गों के लिए अलग-अलग रणनीति अपनाई जा रही है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का कहना है कि कोविड से लड़ने में धन की कोई समस्या नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ इस प्रकार की रिपोर्ट मिल रही हैं कि आई सी एम आर द्वारा तैयार की गई लैब्स का भरपूर उपयोग नहीं हो पा रहा है।

डॉ हर्ष वर्धन ने राज्यों से कहा कि इस बारे में हमें जल्दी रिपोर्ट भेज दें ताकि उनका कहीं और उपयोग किया जा सके।

उन्होंने कहा कि पीपीई और सर्जिकल मास्क का जहां तक सवाल है,तो यह हर व्यक्ति के लिए पहनना जरूरी नहीं है। ये केवल उन्हीं के लिए जरूरी है जो डॉक्टर हैं या ऐसे स्वास्थ्यकर्मी हैं जिनकी ड्यूटी कोरोना के मरीज के पास है,या फिर जो कोरोना की टैस्टिंग लैब में कार्यरत हैं। सामान्य लोग तो रूमाल या कपड़ा भी उपयोग कर सकते हैं। इसके बारे में पूरी जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि कोविड से होने वाली दुर्भाग्यपूर्ण मौतों की अंत्येष्टि के बारे में वेबसाइट पर जो दिशा जारी किए गए हैं,अब मांग की जा रही है कि उन्हें अंत्येष्टि स्थल पर भी अंकित किया जाना चाहिए।

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उन्होंने कहा कि ज्यादातर राज्यों में कोरोना पर स्थिति नियत्रंण में हैं लेकिन कुछ राज्यों को ज्यादा सावधानी,सतर्कता की आवश्यकता है। आप,लोगों से कहें कि धैर्य रखें और लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग पर ध्यान दें। हर विषय पर अपनी पैनी नजर रखें।
डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि हम कोरोना के खिलाफ जंग में जीत जरूर दर्ज करेंगे। उन्होंने ऐसे राज्यों से विशेष रूप से कहा जो लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग पर कम ध्यान दे रहे हैं। ये राज्य ये बात भलीभांति समझ लें कि कोरोना की दवा और वैक्सीन बनने में अभी काफी समय लगेगा इसलिए ये बात समय रहते समझ आ जानी चाहिेए कि कोरोना पर विजय पाने के लिए हमें लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग अपने- अपने राज्य में सख्ती से लागू करनी होगी। क्यूंकि सोशल डिस्टेंसिंग ही सबसे बड़ी सोशल वैक्सीन है।

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उन्होंने कहा कि मैं सभी राज्यों से अपील करता हूं कि कि वे केंद्र से सटीक मार्दर्शन प्राप्त करने के लिए सही फीडबैक दें ताकि उस राज्य की सही स्थिति का आकलन कर आगे की रणनीति बनाई जा सके। सही जानकारी साझा करना देशहित में होगा।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि सभी राज्यों के स्वास्थ्यमंत्रियों से बात करके उन्हें प्रसन्नता हो रही है कि सभी राज्य मिलकर कोरोना के खिलाफ पूरी जी-जान लगाकर लड़ रहे हैं। सभी राज्य छोटी से छोटी बात का भी ध्यान रख रहे हैं। सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के लिए 15 हजार करोड़ रुपए जारी किए हैं ताकि इस मिशन मे धन की कमी आड़े न आए।

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