बलात्कार को साबित करने के लिए युवती के शरीर में वीर्य के नमूनों का पाया जाना आवश्यक नहीं है ? ये कहता है क़ानून..

हाथरस गैंगरेप मामले में कब, कैसे, क्या हुआ, पढ़ें पूरी टाइमलाइन…

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हाथरस गैंगरेप मामला: उत्तर प्रदेश के हाथरस (Hathras) जिले में 14 सितंबर को चार उच्च-जाति के पुरुषों ने सामूहिक 19 वर्षीय दलित युवती का सामुहिक बलात्कार (Gangape)किया। 30 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उस दलित युवती की मौत हो गई। वह पिछले 15 दिनों से अपने जीवन के लिए लड़ रही थी, उसकी जीभ, रीढ़ की हड्डी, और गर्दन में गंभीर चोटें आईं थीं। उसके चारों अंगों में लकवा मार गया, उसे एक दिन पहले अलीगढ़ के अस्पताल से दिल्ली ले जाया गया था।

अपराध और परिवार से आरोपियों का पुराना रिश्ता   

आरोपी संदीप (20), उसके चाचा रवि (35), और उनके दोस्तों रामू (26), और लव कुश (23) पर हत्या, गैंगरेप और SC/ST अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। ADG (Law & Order) उत्तर प्रदेश पुलिस, प्रशांत कुमार ने कहा कि 2015 में भी पीड़ित परिवार द्वारा रवि (35) के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन  “Witness Hostility” (ऐसे गवाह जो वक़्त आने पर कोर्ट में गवाही देने से मुकर जाए, या झूट बोल दे) के कारण उसे जमानत मिल गई थी।

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दलित युवती की मौत के बाद देश भर में भारी आक्रोश

युवती की मौत की खबर सामने आते ही प्रदर्शनकारी सफदरजंग अस्पताल में जमा हो गए। भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद ने महिला के पिता से मुलाकात की, जबकि कांग्रेस ने दिल्ली और लखनऊ में सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने परिवार के गाँव की ओर जाने वाली सभी सड़कों को बंद कर दी थी।

हाथरस गैंगरेप अब तक का घटनाक्रम

  • 14 सितंबर को UP_Hathras_चंदपा क्षेत्र के एक गांव की अनुसूचित जाति (SC/ST) की युवती के साथ हुई दरिंदगी।
  • जिला अस्पताल से गंभीर हालत में भेजा गया Aligarh_Medical_College.
  • पुलिस ने इस मामले में 01 आरोपी के खिलाफ दर्ज किया जानलेवा हमले व SC/ST उत्पीड़न अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज़।
  • 19 सितंबर को नामजद आरोपी Sandeep को किया गिरफ्तार। इसी दिन पुलिस ने इस मुकदमे में धारा 354 बढ़ाई। 
  • 22 सितंबर को पीड़िता के बयान के आधार पर सामूहिक दुष्कर्म की धारा 376-D बढ़ाई व तीन अन्य अभियुक्तों के नाम शामिल किए। 
  • 23 सितंबर को दूसरे आरोपी लवकुश को किया गिरफ्तार। 
  • 25 सितंबर को तीसरे आरोपी रवि को पुलिस ने बनाया बंदी। 
  • 26 सितंबर को चौथे आरोपी रामू को पुलिस ने लिया अपने कब्जे में। 
  • 28 सितंबर को बेहद नाजुक अवस्था (Very_Critical_Condition) में अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज से पीड़िता को किया गया दिल्ली सफदरजंग अस्पताल रेफेर (Delhi_Safdarjung_Hospital_Refer).
  • 29 सितंबर को दिल्ली सफदरजंग अस्पताल में हुई पीड़िता की मौत। (Death_Victim_Delhi_Safdarjung_Hospital)
  • शुरू में मुकदमा कायम होने के बाद CO_City ने की Investigation. 20 सितंबर से CO_Sadabad कर रहे इस मुकदमे की विवेचना।

दिल्ली में इलाज के दौरान क्या हुआ?

सफदरजंग अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने कहा कि हाथरस गैंगरेप पीड़िता को 28 सितम्बर को दोपहर 3.39 पर लाया गया था। 29 सितम्बर को सुबह 5.30 बजे, उसकी दिल की धड़कन रुक गयी (Cardiac_Arrest)। “उसे सुबह 6.15 पर मृत घोषित कर दिया गया।

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Police_Investigation

  • Sandeep की गिरफ्तारी के बाद CO_City जब हाथरस गैंगरेप पीड़िता का बयान लेने Aligarh_Medical_College पहुंचे तो उन्होंने इस मुकदमे में छेड़खानी की धारा 354 भी बढ़ा दी, 20 सितम्बर को CO_Sadabad के रूप में Brahma_Singh ने चार्ज ग्रहण किया और वह विवेचना अधिकारी बने, ब्रह्म सिंह ने 22 सितंबर को पीड़िता के बयान के आधार पर इस मुकदमे में धारा 376-D को भी बढ़ा दिया, पीड़िता ने यह बयान दिया कि उसके साथ आरोपियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया है।
  • UP Police ने हाथरस गैंगरेप मुकदमे में पीड़िता के बयान के आधार पर इसी गांव के तीन अन्य आरोपियों के नाम भी मुकदमे में शामिल कर दिए। 23 सितंबर को पुलिस ने लवकुश को गिरफ्तार कर लिया, 25 सितंबर को आरोपी रवि को गिरफ्तार किया, 26 सितंबर को रामू को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल का रास्ता दिखाया।
  • 14 सितंबर को जब हाथरस गैंगरेप पीड़िता के साथ दरिंदगी हुई तब वह कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं थी। कटी जीभ, टूटी रीढ की हड्डी और तमाम चोटों को झेल रही लड़की जिंदगी और मौत के बीच में झूल रही थी। बाद में उसने विवेचना अधिकारी को पूरी दास्तान बताई, उसका बयान अब दर्ज हो चूका है।
  • पीड़िता का Statement लेने के लिए 02 विवेचना अधिकारी 03 बार Aligarh के Jawaharlal_Nehru_Medical_College गए। तीसरी बार जब पीड़िता को होश आया तब वह लडख़ड़ाती हुई आवाज और इशारों में यह कह पाई कि उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ है।
  • उसने अपने ही गांव के 03 और युवकों के नाम बताए इसी के साथ उसने अपने साथ हुई दरिंदगी की पूरी दास्तां विवेचना अधिकारी को बताई और विवेचना अधिकारी ने इसी आधार पर अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी और तथ्य विवचेना में शामिल किए, 14 सितंबर के बाद 22 सितंबर को हाथरस गैंगरेप पीड़िता इस हाल में पहुंची कि कुछ बोल सके, ऐसे में इस केस में 22 सितंबर को धारा 376-D भी जोड़ी गई और चारों अभियुक्तों को सामूहिक दुष्कर्म का आरोपी बनाया।

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हाथरस पुलिस अधीक्षक ने क्या कहा ?

Hathras के SP_Vikrant_Veer का कहना है कि Police चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, इस मामले में पुलिस ने कोई लापरवाही नहीं बरती है। उन्होंने बताया कि इस युवती का 14 सितंबर गला दबाकर हत्या करने की कोशिश की गई थी,वहीं मंगलवार को उपचार के दौरान पीड़िता की मौत Delhi के सफदरजंग अस्पताल में हो गई

दिल्ली के बाद हाथरस गैंगरेप मामले में आया नया मोड़

Delhi से हाथरस गैंगरेप पीड़िता का शव भारी सुरक्षा के बीच रात करीब 12:45 पर गांव लाया गया जाता है, Ambulance जैसे ही गांव पहुंची पीड़िता के परिजनों में कोहराम मच गया, परिवार वाले उसे घर के अंदर ले जाने की मांग करने लगे। लेकिन पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए जल्द से जल्द अंतिम संस्कार करने की बात कही, इस पर गांव वालों का गुस्सा और ज्यादा भड़क गया, गांव वाले Ambulance से शव को जबरन उतारने की कोशिश करने लगे, इस पर पुलिस प्रशाशन भड़क गया और दोनों के बीच आपस में खींचतान और हायतौबा मचनी शुरू हो गयी।  प्रशासनिक अधिकारियों की मंशा थी कि सुबह होने से पहले शव का अंतिम संस्कार करा दिया जाए, जबकि परिवार वालों का कहना था कि वह उजाला होने के बाद ही अंतिम संस्कार करेंगे, अफसर पीड़िता के पिता को भरोसे में लेकर अंतिम संस्कार रात में कराने के प्रयास में लगे थे। इसी को लेकर हंगामा शुरू हो गया, इसके बाद विऱोध में महिलाएं एंबुलेंस के सामने लेट गईं, रात करीब 02:15 तक मानने-मनाने का सिलसिला चलता रहा, इसके बाद पुलिस ने भारी दल-बल के साथ Ambulance के सामने लेटी महिलाओं को खदेड़ दिया, इस दौरान धक्कामुक्की और खींचतान और लाठियां भी भांजी गई और वहां पर चीख-पुकार मचने लगी।

Prashant Kumar, ADG Law & Order, UP Police का बयान

दलित युवती के साथ हुई इस दरिंदगी की प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट (Initial_Medical_Reports) में गला घोंटने और मारपीट की पुष्टि हुई थी। इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा कि अलीगढ़ के अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा एक मेडिकल रिपोर्ट (Hathras Gangrape Medical Report) में बलात्कार के बारे में सबूत “अनिर्णायक” (Inconclusive) पाए गए थे, और “आगे स्पष्टता” (Further_Clarity) के लिए फोरेंसिक प्रयोगशाला (Forensic_Laboratory) में नमूने भेजे थे।

इसके बाद पुलिस ने क्या कहा ?

इस बीच, हाथरस के संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा (Joint_Magistrate_Prem_Prakash_Meena)  ने एएनआई (ANI) को बताया, “पीड़िता का अंतिम संस्कार किया गया है। पुलिस और प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि अपराध के अपराधियों को न्याय दिलाया जाए।” रात 2:16 पर, हाथरस पुलिस ने ट्वीट किया था कि अंतिम संस्कार “परिवार की इच्छा के अनुसार” किया जाएगा।

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जबरन अंतिम संस्कार के बाद पुलिस ने कहा गलति हुई

पुलिस ने शव को अपने कब्ज़े में लेकर बिना परिवार की मौज़ूदगी में व उनको उनके ही घर में अंदर बंद कर के शव को करीब रात के 02 बजे श्मशान ले जाकर जबरन ख़ुद ही अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं, रात में लगातार बढ़ता हंगामा देखकर गांव में आस-पास के जिलों से फोर्स बुलाकर और अधिक बल की तैनाती कर दी गयी और देखते ही देखते पूरा गांव छावनी में तब्दील हो गया, साथ ही गांव से 02 किलोमीटर के दायरे में आने-जाने वाले सभी रास्तों में बैरियर लगावा दिए गए और इसके बाद किसी भी बाहरी व्यक्ति को गांव में घुसने की इजाज़त नहीं दी गयी। रात में लगभग 2.15 पर मीडियाकर्मियों (Media_Persons) और ग्रामीणों को अलग कर घेराबंदी कर दी गई और महिला पुलिस फोर्स को भी गांव बुला लिया गया।

मेडिकल रिपोर्ट में कई चौकाने वाले ख़ुलासे ?

Hathras Gangrape Case की Medical Reports में पाया गया कि दलित युवति के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। उसका गला दबाया गया। गर्दन दबाने पर दांतों के बीच में जीभ आ जाने पर चोट का निशान था। उसकी जुबान काट दी गई थी। रीढ़ की हड्डी भी गला दबाने के कारण ठीक तरह से काम नहीं कर रही थी। उसके शरीर में कई जगह चोट के निशान पाए गए। इतना ही नहीं उसके शरीर में मल्टीपल फ्रेक्चर भी पाए गए।

पुलिस ने पीड़ित परिवार को भी बंदी बनाया

उधर दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल के बाहर प्रदर्शनकारियों ने “बलात्कारियों को फांसी दो” के नारे लगाए, पीड़िता के भाई ने शिकायत की कि उसकी बहन के शरीर को बिना उनकी जानकारी के यूपी पुलिस ने उसका किया-क्रम कर दिया। फ़िर उसके पिता और भाई विरोध पर बैठ गए लेकिन उन्हें काले रंग की Scorpio में यूपी प्लेटों की नंबर के साथ ले जाया गया।

मामले में हाथरस के जिलाधिकारी भी झूठ बोल रहे हैं

मामले में पुलिस प्रशासन का अमानवीय चेहरा सामने आया। योगी सरकार पर गंभीर सवाल खड़े हुए। इतना ही नहीं ओर तो ओर हाथरस के जिला कलेक्टर प्रवीण कुमार भी मामले की लीपापोती करते नजर आते हैं। हाथहस के जिलाअधिकारी प्रवीण कुमार ने अपने बयान में कहा, “हमारे पास वहां मौजूद परिवार के सदस्यों के वीडियो हैं, मुझे मीडिया के साथ साझा करने में खुशी होगी कि हमने परिवार की सहमति के बाद दाह संस्कार किया उन्होंने यह भी बताया कि परिवार के कुछ सदस्य मौजूद थे।”

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प्रधानमंत्री कार्यालय तक गूंजा मुद्दा, पीएम मोदी ने लिया संज्ञान

मामला इतना गंभीर और संवेदनशील है कि इसमें खुद पीएमओ ने संज्ञान लिया। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर इस मामले में बातचीत की और सीएम योगी को हाथरस सामुहिक दुष्कर्म के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत के बाद ट्वीट किया “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से हाथरस दुष्कर्म मामले में बातचीत हुई। आरोपियों के खिलाफ सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जाएगी।”

राहुल गाँधी ने यूपी पुलिस को सुनाई खरी-खोटी

कांग्रेस दिग्गज नेता राहुल गांधी ने भी हाथरस दुष्कर्म पीड़िता का पुलिस द्वारा जबरन अंतिम संस्कार किए जाने पर नाराजगी जाहिर की है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, भारत की एक बेटी का दुष्कर्म, उसका क़त्ल किया जाता है, तथ्य दबाए जाते हैं और अंत में उसके परिवार से अंतिम संस्कार का हक़ भी छीन लिया जाता है। ये अपमानजनक और अन्यायपूर्ण है।

हाथरस गैंगरेप मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में

मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुकदमे को Fast_Track_Court में चलाने के लिए कहा है। उन्होंने देशव्यापी आक्रोश को देखते हुए आज कहा कि अपराध की जांच के लिए SIT की 03 सदस्यीय पैनल का गठन किया गया है, मुख्यमंत्री ने कहा कि पैनल सात दिनों में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा, इस SIT का नेतृत्व गृह सचिव (Home_Secretary) भगवान स्वरूप और पुलिस उप-महानिरीक्षक चंद्रप्रकाश (DIG_Chandra_Prakash) और आईपीएस अधिकारी पूनम (IPS_Poonam) करेंगे।

आरोपियों ने कैसे दिया घटना को अंजाम

14 सितंबर की सुबह, पीड़िता और उसकी मां अपनी गायों के लिए घास काटने के लिए पास के एक खेत में गई थीं, उसी दौरान 19 वर्षीय बालिका माँ की नज़रों से ओझल होकर लापता हो जाती है, माँ परेशान होकर अपनी लाडो को ढूंढने लगती है, मात्र 100 मीटर पर उसकी बिटिया खून से लथपथ हालत में उसको मिलती हैं. उसकी बुज़ुर्ग माँ को कम और ऊंचा सुनाई देता है और नज़र भी कमजोर हैं. इस से पहले चार आरोपियों ने कथित तौर पर उसको खेतों में खींच कर उसके साथ सामूहिक तोर पर बलात्कार किया, उसकी जीभ काट दी, उसकी रीढ़ की हड्डी, और गर्दन को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया।

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सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा

Social_Media  पर तमाम Video Viral  हो रहे है, उन्ही में से एक वीडियो ये भी है जिसमे पीड़िता की माँ और उसके परिजन पुलिस से यह कहते दिखाई दे रहे है कि शव को अंतिम बार घर ले जाने दिया जाए।

हाथरस गैंगरेप पीड़िता का परिवार

हाथरस में जिस बच्ची के साथ सामुहिक दुष्कर्म किया गया वो अनुसूचित जाति दलित समाज से आती है। उसके माता-पिता और दो भाई हैं जो खेत में मजदूर के रूप में काम करते हैं, जबकि उसकी दो बहनें शादीशुदा हैं और दूसरे गांव में रहती हैं। पीड़िता खुद भी खेतों में मजदूरी करती थीं।

परिजनों ने क्या कहा

अपनी बेटी के साथ हुई इस हैवानियत पर परिवार वालों ने कहा कि पुलिस ने घर नहीं लाने दी लाश, उल्टा लात घूंसा भी मारा। हमारे एक रिश्तेदार की चूड़ियां तक तोड़ दी गयी। पीड़िता का 28 वर्षीय भाई रोते हुए बताता है कि उसके पिता के पास लगभग 07 बजे फ़ोन आता है की उसकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं रही, ज़िन्दगी और मौत के इस खेल में वह अपने आप को समर्पित कर बैठी हैं, यह उस परिवार के लिए शायद एक ऐसा पल होगा जिसको कोई भी शब्दों का रूप नहीं दे पाएगा। भाई आगे बताता है कि यह एक ऐसा दिन था जिसका मेरे परिवार वालों को बेसबरी से इंतज़ार था हम सबको लग रहा था की हमारी बहन ठीक होकर अब घर आ जाएगी और शायद यह फ़ोन डॉक्टरों ने उसके सेहत में बेहतरी का हाल बताने के लिए किया होगा… हम सारी रात सोये नहीं, भगवान से उसके ठीक होने की प्रार्थना करते रहे।

कौन है आरोपी संदीप

स्थानीय लोगों के अनुसार संदीप के परिवार के पास काफी मात्रा में जमीन है, उन्होंने ज्यादा कुछ नहीं किया। वह आगे बताते हैं कि परिवार का घर मंगलवार को बंद था। “संदीप परेशान करता था, लेकिन कोई भी उससे कुछ कहता नहीं था … वह पियक्कड़ था, और हमने उसे महिलाओं को कई बार परेशान करते देखा है। हर कोई उसके परिवार से डरता है,” ग्रामीणों ने बताया। पुलिस को दिए अपने बयान में, पीड़िता ने कहा था कि संदीप छह-सात महीने से उसे परेशान कर रहा था।

पुरानी रंजिश

हाथरस गैंगरेप पीड़िता के परिवार का आरोपी संदीप के परिवार के साथ लगभग दो दशक पुराना विवाद है। जिला अधिकारियों के अनुसार, गाँव में 600 परिवारों में से लगभग आधे ठाकुर हैं, 100 ब्राह्मण परिवार हैं, और केवल 15 दलित परिवार है. 19 वर्षीय पीड़िता का जन्म उसी वर्ष हुआ था, जब आरोपी संदीप के दादाजी को SC / ST Act के तहत बुक किया गया था और एक छोटी सी बात को लेकर पीड़ित के दादा की कथित तौर पर पिटाई करने के लिए तीन महीने जेल की सजा दी गई थी।

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दुश्मनी का ख़ौफ़…

पांच भाई-बहनों में से केवल दो भाई स्कूल में पढ़ते थे। मां ने कहा कि तीन लड़कियां केवल एक या दो साल के लिए स्कूल गईं। पीड़िता की माँ ने कहा “स्कूल बहुत दूर है… इससे उनका मतलब था की यह उनकी बेटियों के लिए असुरक्षित हैं।

मेहंदी और रंगोली बनाने का शौक था पीड़िता को

“सभी लोग काम करने के लिए खेतों में जाते थे, हम दोनों घर पर ही रहते थे, उसको मेहंदी बनाने का शौक़ था, रंगोली बनाती थी,” भाभी ने कहा। गांव वालों के हिसाब से किशोरी शर्मिले व्यवहार की थी जो ज्यादातर अपनी माँ के साथ जानवरों के लिए चारा इकट्ठा करने खेत में जाती थी।

एक माँ का दर्द

दिल्ली में उपचार के दौरान होश आने पर बेटी ने अपनी माँ से कहा था की वो घर आना चाहती है, माँ को ऐसा देख लगा की उसी मासूम बेटी अब बच जाएगी लेकिन ऐसा हो न सका और वो इस दुनिया को छोड़ कर हमेशा के लिए चली गयी. पीड़िता की मां ने रोते हुए कहा कि वह अपने आखिरी पलों में अपनी बेटी के साथ नहीं रह सकी। “मैं कुछ दिन पहले उस से मिली थी.. जब वह होश में थी तब उसने अपने भतीजों और भतीजों को याद किया था और बोली थी की वो घर आना चाहती है. “मैं चाहती हूं कि उन्हें सार्वजनिक रूप (Publically_Hanged) से फांसी दी जाए.. उन्होंने मेरी बेटी, मेरे परिवार के साथ जो किया है उसकी सज़ा उनको जरूर मिले।

भाई की कलाई से एक राखी हुई कम

भाई ने कहा कि हाल के दिनों में, उसने स्थानीय बाजार में जाना बंद कर दिया था, हालाँकि उसे चूड़ियाँ और बालों का सामान खरीदना बहुत पसंद था। “शायद वह इन आदमियों से डरती थी. वह अन्य लड़कियों की तरह सामान्य जीवन नहीं जी पा रही थी, डर के कारण बाजार और रेस्तरां भी जाने से कतरातीं थी। “

पीड़िता की भाभी का पक्ष

उसकी भाभी के अनुसार, “हमने उसके व्यवहार में बदलाव देखा था, वह डरी हुई रहती थी, घर से बाहर जाने में संकोच करती थी, यहाँ तक कि जहाँ हमारी गायों को रखा जाता है वहा जाने वो कतराती थी.. लेकिन उसने यह कभी नहीं बताया कि वो क्यों डर रही थी।”

अब आगे क्या

मामले की गंभीरता को देखते हुए सिफारिश की गई है कि ये मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए। वहीं निर्भया केस की वकील रहीं सीमा कुशवाहा ने कहा है कि वे इस मामले की वकालत करेंगी। वकील सीमा कुशवाहा के इस बयान के बाद परिजनों में उम्मीद जगी है कि कम से कम अब उसे न्याय मिल सकेगा। वहीं योगी ने उच्च अधिकारियों को तलब कर 7 दिनों के भीतर मामले की रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।

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