Hathras Gangrape case: If Kangana Ranaut can get security, why not the family of Dalit victim: Bhim Army Chief Chandrashekhar Ravan

हाथरस गैंगरेप केस: भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर रावण ने कहा- कंगना रनौत को सुरक्षा मिल सकती है तो इस दलित पीड़िता के परिवार को क्यों नहीं?

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Hathras Gangrape Case: हाथरस गैंगरेप पीड़िता के परिवार से मिलने पहुंचे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर रावण (Bhim Army Chief Chandrashekhar Ravan) सहित 400 कार्यकर्ताओं के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस (Uttar Pradesh Police) ने मामला दर्ज किया है। भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर अपने कार्यकर्ताओं के साथ हाथरस में पीड़िता के परिवार से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान पीड़िता के परिवार से मिलने के बाद उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पीड़िता के परिवार के साथ ऐसा सलूक किया जा रहा है जैसे वो ही आरोपी हो। क्या योगी सरकार (Yogi Sarkar) इस परिवार को सुरक्षा मुहैया नहीं करवा सकती। कंगना रनौत (Kangana Ranaut) जैसी अभिनेत्री को सुरक्षा मिल सकती है तो इस दलित परिवार (Dalit Family) को भी वाय कैटगरी की सुरक्षा दी जानी चाहिए।

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इससे पहले हाथरस के लिए चंद्रशेखर रावण को यूपी पुलिस ने सुरक्षा कारणों से रोक दिया था लेकिन काफी हंगामे के बाद पुलिस ने चंद्रशेखर रावण के साथ 10 लोगों को परिवार वालों से मिलने की इजाजत दी। हालांकि इसके बाद पुलिस ने भीम आर्मी चीफ सहित 400 कार्यकर्ताओं के खिलाफ धारा 188 और 144 के तहत केस दर्ज किया है।

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चंद्रशेखर ने पीड़ित परिवार को वाई कैटेगरी की सुरक्षा दिए जाने की मांग करते हुए कहा कि, पीड़ित के परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज की निगरानी में मामले की जांच कराए जाने की मांग की है। चंद्रशेखर ने पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाते हुए कहा है कि पीड़िता का परिवार गांव में नहीं रहना चाहता। ये परिवार मेरे साथ ही जाना चाहता था।

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इस मामले में चंद्रशेखर ने ट्वीट कर कहा, मैं हाथरस से अभी अपने परिवार से मिलकर निकला हूँ स्तब्ध हूँ। मेरी बहन के माँ और पिता जी दोनो रोते हुए एक ही बात बोल रहे थे कि बेटा हमें यहां से ले चलो। मेरे परिवार को डराया जा रहा है, मैं परिवार को साथ ले जाना चाहता हूँ लेकिन प्रशासन ने मना कर दिया, हम कल कोर्ट में अपील करेंगे।

उन्होंने कहा, घटना के बाद गांव के आसपास सवर्णों की पंचायत हुई है, जिसके कारण पीड़ित परिवार असुरक्षित महसूस कर रहा है। चंद्रशेखर ने सरकार की कथनी और करनी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कंगना रनौत को वाई कैटेगरी की सुरक्षा दी जा सकती है, तो इस परिवार को क्यों नहीं। चंद्रशेखर ने कहा कि यदि प्रशासन इस परिवार को सुरक्षा मुहैया नहीं करा सकता तो ये बात बी हमें बताए। पीड़ित परिवार को अपने घर ले जाएंगे और भीम आर्मी के 1000 सदस्य परिवार की सुरक्षा करेंगे।

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वहीं हंसराज मीणा ने भी हाथरस में दलित युवती के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में ट्वीट कर कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हाथरस की दलित मृतक बेटी का पीड़ित परिवार मनुवादी व सामंतवादीयों की तमाम गालियां और धमकियां के बीच हर पल मुसीबत में खड़ा है। पर अफसोस है कि कंगना को एक नाम मात्र की फर्जी धमकी पर Y श्रेणी की सुरक्षा दे देते हैं लेकिन उस परिवार को नहीं। #DalitWomenRise

वहीं बीती 30 तारीख को अभिनेत्री कंगना रनौत ने ट्वीट कर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए कहा, जैसे प्रियंका रेड्डी के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने वालों को ऑन द स्पोट गोली मारी गई थी ठीक वैसे ही हाथरस में हुए इस गैंगरेप के आरोपियों को सजा दी जानी चाहिए।

बता दें कि 14 सितंबर को चार सवर्णों द्वारा गांव की ही रहने वाली दलित युवती के साथ सामुहिक बलात्कार किया और उसके साथ मार पीट की गई। इस घटना में पीड़िता को कई गंभीर चोटे आई थी। जांच में पाया गया कि उसके शरीर में कई जगह फ्रेक्चर थे और जुबान भी काट दी गई थी। आनन-फानन में पीड़िता को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया। इसके दो सप्ताह बाद दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान पीड़िता की मौत हो गई।

लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बाद सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात रही कि पीड़िता के शव को रातों-रात पुलिस प्रशासन द्वारा जला दिया गया। परिवार को अंतिम संस्कार भी नहीं करने दिया गया। जिसके बाद लोग और मीडिया आक्रोशित हो गए और पिछले कई दिनों से मामला मीडिया की सुर्खियों में छाया हुआ है।

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