क्या महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार को मिली है क्लीन चिट?

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Ground Report | Newsdesk

सिंचाई घोटाले में फंसे महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार को नौ मामलों में मिली क्लीन चिट की खबरों पर महाराष्ट्र एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने सफाई दी है। सोमवार को ऐसी चर्चा होने लगी थी कि एसीबी ने अजित पवार के खिलाफ भ्रष्टाचार के नौ मामलों में जांच बंद कर दी है।

मगर कुछ ही देर बाद एसीबी ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि जिन मामलों को सोमवार को बंद किया गया है, उनमें से किसी में भी अजित पवार का नाम नहीं था। एसीबी के महानिदेशक परमबीर सिंह ने क्लीन चिट की खबरों का खंडन करते हुए बताया कि इन नौ मामलों में उनका नाम नहीं था।

इससे पहले एसीबी के सूत्रों के हवाले से खबर आई थी कि सिंचाई घोटाले से जुड़े कुछ मामलों को सशर्त बंद कर दिया गया है। हालांकि भविष्य में जरूरत पड़ने या अतिरिक्त जानकारी मिलने पर फिर से जांच शुरू की जा सकती है।

इस बीच कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भाजपा पर तंज कसा। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘भाजपा-अजित पवार द्वारा महाराष्ट्र के प्रजातंत्र चीरहरण अध्याय की असलियत उजागर। एक नाजायज सरकार द्वारा एंटी करप्शन ब्यूरो को सब मुकदमे बंद करने का आदेश। खाएंगे और खिलाएंगे भी क्योंकि यह ईमानदारी के लिए जीरो टोलरेंस वाली सरकार है। मोदी है तो मुमकिन है।’

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ये नौ मामले हैं जिन्हें बंद किया गया है। हमें बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ के समक्ष एक रिपोर्ट पेश करनी है जिसकी सुनवाई 28 नवंबर को होगी। जिन मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है उनमें जांच जारी है।

महाराष्ट्र में देवेंद्र फड़णवीस के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में उप मुख्यमंत्री बनने के 48 घंटे के अंदर एनसीपी नेता अजित पवार के खिलाफ सिंचाई घोटाला मामले में चल रही जांच को महाराष्ट्र एंटी करप्शन ब्यूरो  (एसीबी) ने बंद कर दिया है।

बता दें कि बीते शनिवार को महाराष्ट्र में हुए एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में सुबह करीब 8 बजे भाजपा के देवेंद्र फड़णवीस ने राजभवन में गुपचुप तरीके से हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ एनसीपी नेता अजित पवार ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।