Hagia Sophia Mosque Church worship place Istanbul turkey muslims islam Secularism

उनके नाम खत, जो हागिया सोफिया को मस्जिद में बदले जाने पर खुश हैं

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

डियर मुस्लिम फ्रेंड्स। माफ करना सिर्फ दोस्त नहीं, ‘मुस्लिम दोस्त’ लिख रहा हूं।

तुर्की की हागिया सोफिया को मस्जिद में बदलने के बाद कल वहां पहली बार जुमे की नमाज पढ़ी गई। हागिया सोफिया के बारे में आप जानते ही होंगे। यह इमारत कभी चर्च हुआ करती थी, जिसे बाद में मस्जिद में बदला गया। आगे चलकर मुस्तफा कमाल पाशा ने इसे म्यूजियम में चेंज कर सदियों से चले आ रहे विवाद को लगभग सुलझा दिया था लेकिन उनके निधन के सत्तर साल बाद राष्ट्रपति चुनकर आते हैं रेचेप तैय्यप अर्दोआन।

Priyanshu | Opinion

वही अर्दोआन जिन्हें आप में से कई ने कल हागिया सोफिया को दोबारा मस्जिद में बदलवाने पर बधाई दी, शेर बताया। वही अर्दोआन, जिनकी निरंकुशता के खिलाफ 2016 में, परेशान होकर सड़क पर उतरे लोगों ने तख्तापलट करना चाहा। वही अर्दोआन, जिन्होंने इसके बाद अपनी कुर्सी बचाने के लिए तुर्की को धार्मिक कट्टरता की आग में झोंक दिया। हजारों एक्टिविस्ट जेल में ठूंस दिए, जैसे अपने यहां सीएए-एनआरसी वाले प्रोटेस्टर्स ठूंसे जा रहे हैं।

ALSO READ:  France: Three killed, one woman beheaded in knife attack

इस्तांबुल के ऐतिहासिक हागिया सोफ़िया म्यूज़ियम के दोबारा मस्जिद बनने की कहानी

जिस सेक्युलर भारत से आप और हम मोहब्बत करते हैं, तड़प है जिसकी, फक्र है जिस पर उसी सेक्युलरिज्म को अर्दोआन ने अपने मुल्क में मसल कर फेंक दिया। हागिया सोफिया को मस्जिद में बदला जाना उसी सेक्युलरिज्म की ताबूत में एक और कील है। वही सेक्युलरिज्म, जो वहां के अल्पसंख्यकों का सुरक्षा कवच था। वही सेक्युलरिज्म, जो यहां आपका संवैधानिक सुरक्षा कवच है। जिस अर्दोआन को आपने हागिया सोफिया को दोबारा मस्जिद में बदलवाने पर बधाई दी, शेर बताया।

18 जुलाई को उसी अर्दोआन ने भारत में अपने राजदूत के जरिए ‘द हिंदू’ अखबार के संपादक को पत्र भेजकर कहा, ‘हागिया सोफिया विवाद पर तुर्की की अदालत का फैसला बिल्कुल वैसा ही है जैसा 2019 में भारत के सुप्रीम कोर्ट का बाबरी मस्जिद/मंदिर विवाद पर फैसला। न अयोध्या में मंदिर बनाने का फैसला भारत के जनतंत्र और सेक्युलर मूल्यों पर कोई चोट था, न ही मस्जिद बनाने वाले तुर्की की अदालत के फैसले से सेक्युलरिज्म को रत्ती भर नुकसान पहुंचेगा।’

Image

तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन लोगों से मुलाकात करते हुए।

ALSO READ:  How Hagia Sophia's mosque status dents Turkey's secular credentials

भीम राव अंबेडकर परिनिर्वाण दिवस : इस देश में कुछ ऐसे भी मुस्लिम हैं जिनके लिए बाबा ही ‘साहेब’ हैं

बाबरी विध्वंस की 26वीं बरसी पर लिखा था कि वह सिर्फ एक मस्जिद का टूट जाना नहीं। उसने दिल तोड़े हैं, जो किसी भी टूट जाने वाली चीज से ज्यादा कीमती था। हागिया सोफिया को म्यूजियम से मस्जिद में बदले जाने पर फिर लिखूंगा कि यह सिर्फ एक म्यूजियम को मस्जिद में बदल देना नहीं। यह तुर्क बहुसंख्यकों की खुलेआम गुंडई है।

मित्र, अगर हम भारत में फैल रहे बहुसंख्यकवाद को गलत कहते हैं तो हमें तुर्की में फैलाए जा रहे बहुसंख्यकवाद को भी गलत कहना होगा।

ALSO READ:  Two booked for offering prayer in temple, what is the whole matter?

( यह लेखक के निजी विचार हैं। लेखक भारतीय जन संचार संस्थान नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं एवं समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार लिखते रहते हैं।)

Ground Report के साथ फेसबुकट्विटर और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़ सकते हैं और अपनी राय हमें Greport2018@Gmail.Com पर मेल कर सकते हैं।