हैवानियत : नवजात बच्चों और औरतों पर घंटे भर तक गोली चलाते रहे आतंकी

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Ground Report | News Desk

दुनिया वैसे ही कोरोना वायरस की मार झेल रही है और इस वायरस से अब तक लाखों लोगों की मौत हो चुकी है वहीं, दूसरी तरफ आतंकी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में मंगलवार को आतंकियों ने एक अस्पताल पर हमला कर दिया । इस घटना में 16 लोगों की मौत हो गई जिनमें दो नवजात बच्चे भी शामिल हैं । ये अस्पताल काबुल के दाश्त-ए-बार्ची इलाके में है । इसे मेडिसिन्स सन्स फ्रन्टियर्स (MSF) चलाता है। ये इंटरनेशनल NGO है, जो ज्यादातर युद्धग्रस्त जगहों पर मेडिकल सेवाएं देता है।

काबुल के शिया बहुल क्षेत्र में स्थित दाश्त-ए-बर्ची अस्पताल में आतंकियों की गोलीबारी में दो नवजात समेत 16 लोगों की मौत हुई । वहीं, अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के एक अस्पताल समेत नांगरहार प्रांत में मंगलवार को हुए आतंकी हमलों में कम से दर्जनों लोगों की मौत हो गई है। भारत ने अस्पताल पर हमले की कड़ी निंदा की है। भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में हमले का शिकार बने लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई है।

काबुल के अलावा अफगानिस्तान के अन्य हिस्से में भी हिंसा की आग भड़की। मंगलवार को ही नांगरहर प्रांत में एक फिदायीन हमलावर ने शोक सभा पर हमला कर खुद को उड़ा लिया। इस घटना में 21 लोगों की मौत हो गई जबकि 55 लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। यह इलाका इस्लामिक स्टेट का गढ़ माना जाता है। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामिक स्टेट (IS) ने नंगरहार हमले की ज़िम्मेदारी ली है। तालिबान का कहना है कि दोनों में से किसी हमले में उसका हाथ नहीं है।

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