कानपुर मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. लालचंदानी ने जमातियों को बताया आतंकी, कहा-इनको इलाज से कर दो वंचित

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Ground Report । News Desk UP

सामान्य तौर पर हमारे देश में डॉक्टर को किसी भगवान से कम नहीं माना जाता । डॉक्टर को भगवान के रूप में पूजा जाता रहा है । एक डॉक्टर बिना किसी भेदभाव के मरीज़ों का उपचार करता है। उसकी नज़र में उसके मरीज़ ही उसके लिए सबकुछ हुआ करते हैं । मगर आज डॉक्टर भी नफरत का शिकार होते दिख रहे हैं । उत्तर प्रदेश के कानपुर में जीएसवीएम मेडिकल काॅलेज की प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जिसमे वह मुस्लिमों के खिलाफ इस्लामोंफोबिक टिप्पणी कर रही है। इसमें प्राचार्य कोरोना को लेकर जमातियों पर अभद्र टिप्पणी कर रही हैं।

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पूर्व सांसद और भाकपा (एम) की ब्यूरो सदस्य सुभाषिनी अली ने विडियो को शेयर करते हुए कहा कि प्राचार्य असंवैधानिक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को जो अस्पताल लाए गए थे, उन्हें आतंकवादी बता रही हैं। उन्हें सरकारी मदद से वंचित रखने और उनका इलाज नहीं होना चाहिए की बात कर रही हैं। पूर्व सांसद ने जिला प्रशासन से जांच की मांग की है। वीडियो सही पाए जाने पर प्राचार्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग की गई।

इस संबंध में प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी का कहना है कि ब्लैकमेल के जरिये वसूली करने के लिए इसमें जमाती जैसे शब्द सुपरइम्पोज किए गए हैं। वह सोमवार को इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाएंगी। लेकिन अगर सच में प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी एक समुदाए के प्रति इतने अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया है तो ये जांच का विषय है ।

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