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ग्राउंड रिपोर्ट: आयुष्मान योजना के तहत कानपुर के हृदय रोग संस्थान कार्डियोलॉजी में बच रही ग़रीबों की जान

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आयुष्मान भारत योजना सरकार की एक स्वास्थ योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों खासकर बीपीएल धारक को स्वास्थ बीमा मुहैया कराना है.

इस योजना के अन्तर्गत आने वाले प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपये तक का कैशरहित स्वास्थ बीमा उपलब्ध कराया जा रहा है.आयुष्मान भारत योजना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अप्रैल 2018 को बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की जयन्ती के दिन छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से आरम्भ किया था.

उत्तर-प्रदेश का जाना-माना कानपुर स्थित हृदय रोग संस्थान कार्डियोलॉजी में आयुष्मान योजना की हमने ज़मीनी हक़ीक़त की पड़ताल की. योजना के तहत काफ़ी मरीजों इसका लाभ मिलता दिखाई दिया.

फोटो- ग्राउंड रिपोर्ट

(कानपुर के हृदय रोग संस्थान कार्डियोलॉजी में ममता की बची जान)

गोविंद नगर कच्ची बस्ती निवासी ममता (50) भ. सीने में दर्द, खांसी, सांस फूलने की वजह से ममता का कामकाज छूट गया. कार्डियोलॉजी में आयुष्मान योजना के तहत भर्ती होने पर पता चला कि हृदय का वाल्व सिकुड़ा है. आपरेशन होने से जिंदगी बच गई.

(किसान रामसजीवन का आयुष्मान के तहत कार्डियोलॉजी में आपरेशन हुआ.)

नरवल निवासी किसान रामसजीवन (62) के हृदय में ब्लड ले जाने वाली नसें ब्लाक थीं. बेटे राजकुमार ने बताया कि पिता को आयुष्मान योजना के तहत कार्डियोलॉजी में आपरेशन हुआ. न तो आपरेशन में रुपये खर्च हुए और न ही अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान बाजार से दवाएं खरीदनी पड़ीं.

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(पारूल देवी कश्यप (18) आयुष्मान योजना के तहत हुआ आपरेशन)

कानपुर सजेती के ग्राम कुटरा मकरंदपुर निवासी पारूल देवी कश्यप (18) को हृदय के वाल्व में खराबी की वजह से खांसी आती थी. सांस फूलती थी. पिता रामकरन ने बताया कि बेटी को जून में कार्डियोलॉजी में लाकर दिखाया गया. यहां डॉ. राकेश वर्मा ने आयुष्मान योजना के तहत बेटी को भर्ती कर बिना कोई शुल्क लिए आपरेशन किया. बेटी अब स्वस्थ है.

एक आंकड़े के मुताबिक, 10 करोड़ बीपीएल धारक परिवार समेत लगभग 50 करोड़ लोग इस योजना का प्रत्यक्ष लाभ उठाने की दिशा की ओर अग्रसर हैं. इसके अलावा बाकी बची आबादी को भी इस योजना के अन्तर्गत लाने की योजना है.

ऐसे होगा आपका चयन?

इस योजना के तहत 10 करोड़ परिवारों का चयन 2011 की जनगणना के आधार पर किए जाने का अनुमान है. आधार नंबर से परिवारों की सूची तैयार की गई है और आपको सुविधा का लाभ मिलेगा. सूची तैयार होने के बाद तब इस योजना का लाभ लेने के लिए किसी पहचान पत्र की जरूरत नहीं होगी.

फोटो- ग्राउंड रिपोर्ट

क्या आपका रजिस्ट्रेशन हो गया?

वर्ष 2011 की जनगणना में गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को इसमें जगह मिलेगी. योजना में आपका नाम है या नहीं यह आप Mera.pm.jay.gov.in पर चेक कर सकते हैं. सबसे पहले आप इस वेबसाइट पर जाए. यहां होम पेज पर एक बॉक्स मिलेगा. इसमें मोबाइल नंबर डाले. उस पर ओटीपी आएगा. इसे डालते ही पता चल जाएगा कि आपका नाम इसमें जुड़ा है या नहीं.

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अस्पतालों में कैसे मिलेगा इस योजना का लाभ

मरीज को अस्पताल में भर्ती होने के बाद अपने बीमा दस्तावेज देने होंगे. इसके आधार पर अस्पताल इलाज के खर्च के बारे में बीमा कंपनी को सूचित कर देगा और बीमित व्यक्ति के दस्तावेजों की पुष्टि होते ही इलाज बिना पैसे दिए हो सकेगा. इस योजना के तहत बीमित व्यक्ति सिर्फ सरकारी ही नहीं बल्कि निजी अस्पतालों में भी अपना इलाज करवा सकेगा.

निजी अस्पतालों को जोड़ने का काम शुरू हो चुका है. इसका यह लाभ भी मिलेगा कि सरकारी अस्पतालों में अब भीड़ कम होगी. सरकार इस योजना के तहत देशभर में डेढ़ लाख से ज्यादा हेल्थ और वेलनेस सेंटर खोलेगी जोकि आवश्यक दवाएं और जांच सेवाएं निःशुल्क मुहैया जाएंगे.

किस तरह की बीमारियों का इलाज करवा सकेंगे आप

इस योजना के तहत मैटरनल हेल्थ और डिलीवरी की सुविधा, नवजात और बच्चों के स्वास्थ्य, किशोर स्वास्थ्य सुविधा, कॉन्ट्रासेप्टिव सुविधा और संक्रामक, गैर संक्रामक रोगों के प्रबंधन की सुविधा, आंख, नाक, कान और गले से संबंधित बीमारी के इलाज के लिए अलग से यूनिट होगी. बुजुर्गों का इलाज भी करवाया जा सकेगा.

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बता दें कि लाभार्थियों के हित में सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना के लिए एक हेल्पलाइन नंबर 14555 जारी किया गया है, जिस पर आप कभी भी कॉल कर सकते हैं. इस पर आपको समस्त जानकारियां मुहैय्या करवाई जाएंगी.

एक प्रारंभिक आंकड़े के मुताबिक, आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा का लाभ लेने वालों की संख्या 20 लाख के पार निकल गई है. कुल मिलाकर अब तक 3.07 करोड़ लाभार्थियों को योजना के तहत ई-कार्ड जारी किए गए हैं.

इस योजना की देखरेख करने वाली एजेंसी राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के मुताबिक, इस योजना के लागू होने के पहले 200 दिनों में पीएम-जेएवाई के तहत 20.8 लाख से अधिक गरीब लोग लाभान्वित हुए.